Pet Care : घटता तापमान और सर्दी से पालतू पशुओं में बढ़ रहा निमोनिया का खतरा, ऐसे रखें अपने पेट्स का ख्याल

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। घटता तापमान और बढ़ती सर्दी मानव स्वास्थ्य के साथ ही पालतू पशुओं यानी की पेट्स के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है। ऐसे में वेटनरी डॉक्टरों की मानें तो पालतू पशुओं के खानपान और रहने का उचित प्रबंध करना बेहद ही जरूरी है। नहीं तो उन्हें भी मानव की तरह निमोनिया, हाइपोथर्मिक, डिस्पेनिया ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज होने का खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं अधिक उम्र वाले डॉग को जोड़ों का दर्द, खास कर गठिया, कूल्हे के जोड़ का दर्द हो सकता है।  

वेटनरी डॉक्टरों की मानें तो जिस तरह मौसम में हमारी सेहत प्रभावित होती है, ठीक उसी तरह से घर के पालतू जानवरों को भी समस्याएं होती है, सभी पालतू जानवरों को ठंड लगती है, चाहे वह कुत्ता ,बिल्ली, पक्षी या खरगोश हो। सभी के खान पान और रख रखाव का उचित व्यवस्था होना जरूरी है। सर्दी के मौसम में पालतू जानवरों को संतुलित पोषण वाले ज्यादा आहार की जरूरत होती है, सर्दी के दिनों में डॉग को गर्मी के मुकाबले 25 प्रतिशत ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता हो सकती है। वेटनरी डॉ. कुमार मंगलम की मानें तो पेट्स को ठंडी चीजें खिलाना बंद कर दें। दही, चावल बिलकुल न दें। उसे ऐसी चीजें खाने को दें, जो उसे ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा और गर्मी दे। ठंड के दिनों में डॉग का वजन बढ़ता ही है, डॉग के शरीर का वजन, हेयर कोटस, लम्बाई और शरीर पर मौजूद वसा, कुत्तों के शारीरिक परिश्रम के अनुसार लगभग  90 प्रतिशत तक ज्यादा कैलोरी की खपत बढ़ जाती है, इसलिए उनके व्यायाम का भी ख्याल रखना पड़ता है। व्यायाम और टहलना उन्हें ऊर्जा प्रदान करेगा । कुत्ते के व्यायाम के लिए सबसे अच्छा  32 से 70 डिग्री तापमान होना चाहिए है, परन्तु अधिक समय के लिए नही। वहीं छोटे कुत्तों को बहुत अधिक ठंड में बाहर निकालना उचित नही होता है, मध्यम या बड़े आकार के कुत्ते को सिर्फ 30 मिनट के लिए ही बाहर रख सकते है। 

सर्दी में डॉग को गुनगुना पानी दे सकतें हैं, सर्दियों के दिनों में पेट्स पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, इससे उन्हें सर्दी लगने का खतरा ज्यादा रहता है। हर 2 से 3 घंटे पर उनके पानी को बदलते रहना चाहिए । सर्दियों के दिनों में डॉग को स्नान से अच्छा है ड्राई वाश करे, गुनगुने पानी मे नीम की कुछ पत्तियां डाल कर कपड़े से डॉग को वाश कर दें। गीले या ठंडे मौसम में कुत्ते हाइपोथर्मिक हो सकते हैं और अगर कुत्ते ऐसी जगह पर रहते हैं जहां बर्फ पड़ती है तो उन्हें फ्रोस्टबाइट भी हो सकता है । सर्दियों के दौरान पेट्स को ठंडे फर्श पर न सोने देना सबसे अच्छा है। कुत्ते के बिस्तर पर मोटा कंबल भी बिछा सकते हैं, इससे उन्हें अतिरिक्त गर्मी मिलेगी, साथ ही अधिक उम्र के कुत्तों को जोड़ो के दर्द में भी राहत मिलेगा। सर्दी के दिनों में पेट्स के ग्रूमिंग हेयर कटिंग से बचना चाहिए । 

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