जीवन के अंतिम क्षण तक विद्यार्थी को सीखना चाहिए, भाषा विश्वविद्यालय में मेधावियों को राज्यपाल ने दी ये सलाह

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अमृत विचार लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। इस मौके पर समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अपने हाथों से मेडल प्रदान किया। इससे पहले राज्यपाल ने कलश में जलधारा अर्पण करके जल संरक्षण के संदेश के साथ दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया। समारोह में कुल 1184 उपाधियों का वितरण किया गया।

शोध हेतु 32 शोधार्थियों ने उपाधि प्राप्त की। समारोह में कुल 138 पदक वितरित किए गए, जिसमें 57 स्वर्ण, 40 रजत व 41 कांस्य पदक शामिल थे। आज 74 छात्रों व 64 छात्राओं ने पदक हासिल किए। इसके साथ ही समारोह में पद्म भूषण प्रोफेसर कपिल कपूर जी को डी0 लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल जी द्वारा बटन दबाकर सभी 1184 उपाधियां को डिजिलॉकर में अपलोड किया गया। दीक्षांत की शुरूआत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताया। 

जब डिग्री लेकर जाये तो माता पिता के पैर जरूर छुए

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कहा कि जब डिग्री लेकर घर जाएं तो माता-पिता का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें। गुरुजनों को उन्होंने कुम्हार की संज्ञा देते हुए कहा कि जिस प्रकार कुम्हार किसी सुंदर मटके को तैयार करने में आकार देता है उसी प्रकार गुरुजन भी अपने विद्यार्थियों को सुंदर आकार देने का कार्य करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी राष्ट्र को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस क्रम में उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव भी साझा किये। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी इतने भाग्यशाली हैं कि उन्हें विभिन्न आधुनिक सुविधाएं प्राप्त हो रही है। इन सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए। 

शिक्षक
भाषा विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
 
यूपी में उच्च शिक्षा में बढ़ी गुणवत्ता

राज्यपाल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा नैक एवं एनआईआरएफ में उच्च ग्रेडिंग प्राप्त करने की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर 10 विश्वविद्यालयों ने नेक में ‘ए प्लस प्लस‘, ‘ए प्लस‘ तथा ‘ए‘ ग्रेड प्राप्त किया है। एनआईआरएफ में 06 राज्य विश्वविद्यालयों ने  राष्ट्रीय स्तर पर उच्च रैंकिंग प्राप्त की है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय में प्रवेश के समय नैक व एनआईआरएफ रैंकिंग के आधार पर प्राथमिकता तय की जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षण, शोध और नवीन पद्धतियों के द्वारा ज्ञान के विस्तार के लिए मानव संसाधनों का विकास करना होना चाहिए।

आने वाले 25 साल देश के लिए महात्वपूर्ण

विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा युवाओं को ज्ञान की एक महान ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि आने वाले 25 साल देश के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाषा समाज को एक सजीव संबंध में जोड़ती है तथा यह समाज के निर्माण, विकास एवं सामाजिक सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख साधन है। भाषा के मामले में देश को समृद्ध और अद्वितीय विशेषता धारण करने वाला देश बताते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा के रूप में देश के हर राज्य के पास एक अनमोल खजाना है।

सरकारीस्कूल
राज्यपाल के हाथों गिफ्ट पाकर खुश हुए सरकारी स्कूल के बच्चे-फोटो अमृत विचार
 
सरकारी विद्यालयों के बच्चो को राज्यपाल ने दिया गिफ्ट

इस मौके पर बेसिक विद्यालय अल्लू नगर डीगुरिया एवं राजकीय हाई स्कूल खंतारी के 30 विद्यार्थियों को पठन पाठन सामग्री, स्कूल बैग व पोषण सामग्री उपहार स्वरूप वितरित किया गया तथा उक्त विद्यालय के बच्चों हेतु राजभवन की ओर से 200-200 पुस्तकें प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल जी द्वारा 10 आंगनबाड़ी केदो को सुविधा संपन्न बनाए जाने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट का वितरण किया गया। ज्ञातव्य है कि राज्यपाल जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से प्रदेश भर में अब तक कुल 7919 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया जा चुका है। 

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