बदायूं: बेटियों ने जलाई लोहड़ी, मिलकर किया भांगड़ा, हर्षोल्लास से मनाया पर्व

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार: पंजाबी समाज की ओर से लोहड़ी का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। घरों में सुबह से शाम तक त्योहार की धूम रही। शाम के वक्त गुरुद्वारा के निकट पंजाबी समाज सेवा समिति की ओर से लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोहड़ी जलाकर युवाओं ने भांगड़ा किया। पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी डांस कर माहौल को खुशनुमा बनाया।

पारंपरिक तौर पर लोहड़ी फसल की बुवाई और उसकी कटाई से जुड़ विशेष त्योहार है। इस अवसर पर पंजाब में नई फसल की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन चौराहों तथा घरों में लोहड़ी जलाई जाती है। पुरुष जल रही अग्नि के पास भंगड़ा करते हैं तो महिलाएं गिद्दा करती हैं। इस दिन तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली का भी खास महत्व होता है।

जिन परिवारों में लड़के का विवाह होता है अथवा उन्हें पुत्र प्राप्ति होती है, उनका उत्साह तो देखते ही बनता है। सोमवार को भी लोहड़ी का त्योहार पंजाबी समुदाय ने धूमधाम से मनाया। लोगों ने घरों में लोहड़ी जलाकर खुशियां मनाईं। युवाओं ने जमकर भंगड़ा किया तो महिलाएं और बच्चे भी पीछे नहीं रहे।

पंजाबी चौक के निकट लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाबी समाज के लोगों ने जमकर मस्ती की। पर्व के मौके पर बाबा बंदा सिंह बहादुर गतका ग्रुप के बच्चों द्वारा करतब दिखाए। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक नारंग द्वारा बताया गया कि समिति पिछले 12 वर्ष से लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम मनाता आ रहा है।

बताया कि पंजाबी समाज में यह धारणा थी कि जिसके यहां लड़का पैदा होता था, तब लोहड़ी मनाई जाती थी, या जिनके यहां लड़के की शादी होती थी तब लोहड़ी मनाई जाती थी। लेकिन पंजाबी समिति ने इस मिथक को तोड़ते हुए नई पहल शुरुआत की गई थी।

जो की लगातार 12 वर्षों से निरंतर चल आ रही है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह,  राजेश धींगड़ा, नरेंद्र दुआ, सुशील धींगड़ा, अशोक नारंग, हरीश बजाज, जगजीत वोहरा आदि मौजूद रहे।

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