प्रयागराज : पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के भूमि विवाद मामले में सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा के पूर्व सपा विधायक रामेश्वर सिंह यादव के भाई द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करने के मामले में सरकार द्वारा हलफनामा दाखिल न होने की स्थिति में मामले को आगामी 12 फरवरी 2024 को सूचीबद्ध कर दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकल पीठ ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
गौरतलब है कि पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव व पुत्र सुबोध कुमार यादव और उनके भाई जुगेंद्र सिंह यादव ने शिकायतकर्ता गीतम सिंह की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से उसे डराया और जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति (नट) का गरीब व्यक्ति है, इसलिए पूर्व विधायक ने सपा शासनकाल में उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता द्वारा वर्ष 2007 में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाने के बाद भी कोई विशेष कार्यवाही नहीं हुई। याचियों की ओर से मिलने वाली धमकियों से परेशान होकर पूरा परिवार मथुरा जाकर रहने लगा। आरोपियों ने उसे मथुरा से एटा बुलाकर जबरन उससे जमीनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी लिए और उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार सरकार द्वारा भूमाफियाओं और दबंगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बारे में सुनकर उसने 17 जून 2022 को थाना मलावन, एटा में आईपीसी की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम, 2015 की धारा के तहत फिर से रिपोर्ट लिखवाने की हिम्मत की।
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