बोले खरगे- मोदी चुनावी मौसम में आदिवासियों को कर रहे हैं ‘ठगने’ का प्रयास, सरकार पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर कर रही मूर्ख बनाने की कोशिश 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केवल चुनाव से पहले आदिवासियों को याद करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर समुदाय को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही है। खरगे ने पूछा कि मोदी सरकार के दौरान आदिवासियों पर होने वाले खर्च में भारी कमी क्यों की गई है।

मोदी ने जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक लाख लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार के 10 साल गरीबों को समर्पित रहे। इस कार्यक्रम के बाद खरगे की यह टिप्पणी आई है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘चुनाव के चलते ही सही पर प्रधानमंत्री जी को आज 10 साल बाद, आदिवासियों और जनजाति कल्याण की याद तो आई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम मोदी सरकार से तीन सवाल पूछना चाहते हैं - वर्ष 2013 के मुकाबले, आदिवासियों के खिलाफ अपराध में 48.15 प्रतिशत की वृद्धि क्यों हुई? क्यों भाजपा की डबल इंजन सरकारें ‘वन अधिकार कानून, 2006’ को लागू करने में पूरी तरह विफल रही हैं?’’

खरगे ने कहा, ‘‘इस कार्यक्रम से पहले, मोदी सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह’ (पीवीटीजी) के लिए निर्धारित विकास योजना के खर्च में लगातार गिरावट क्यों आई? यह वर्ष 2018-19 में ₹250 करोड़ रुपये से गिरकर वर्ष 2022-23 में महज ₹6.48 करोड़ रुपये ही रह गई है। ऐसा संसदीय समिति कहती है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पुरानी विफल हुई योजना का नाम बदलकर, चुनावी मौसम में आदिवासी समाज को ‘‘ठगने’’ की कोशिश कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जल-जंगल-जमीन और आदिवासी सभ्यता का संरक्षण हमारा कर्तव्य है और कांग्रेस पार्टी देश के आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी।’’ 

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