Allahabad High Court: अवमानना के मामले में देवरिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तलब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिकारी द्वारा अवमानना के एक मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया ने या तो इस न्यायालय द्वारा पारित आदेश का सावधानीपूर्वक अवलोकन नहीं किया है या मनमाने ढंग से कार्य किया है और इस न्यायालय द्वारा जारी विशिष्ट निर्देशों का उल्लंघन किया है। अतः कोर्ट का मानना है कि ऐसे लापरवाह रवैये वाले अधिकारी के साथ सख्ती से व्यवहार करने की आवश्यकता है।
हालाँकि उसे अपने आचरण को स्पष्ट करने के लिए अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के साथ-साथ अगली सुनवाई दिनांक 24 जनवरी 2024 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अवसर दिया गया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने अपर्णा तिवारी और दो अन्य की याचिका पर पारित किया।
याचीगण सहायक शिक्षिका के पद पर कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन, गौरी बाजार, देवरिया में कार्यरत थीं। याचियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एसटीएफ फील्ड यूनिट, गोरखपुर द्वारा जांच कार्यवाही शुरू की गई। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया द्वारा दिनांक 23 अक्टूबर 2021 को याचियों को बर्खास्त कर बड़ा जुर्माना लगाया गया।
उपरोक्त आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसमें कोर्ट ने पाया कि उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन और अपील) नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत संबंधित अधिकारी ने बर्खास्तगी आदेश लागू करने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया, इसलिए उक्त विवादित आदेश को इस न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया गया था और कानून के अनुसार नए आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया था।
याचियों के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कथित तौर पर दिनांक 16.07.2022 को कार्यवाही की एक जांच रिपोर्ट अनुशासनात्मक प्राधिकारी को प्रस्तुत की गई थी। याचियों के अधिवक्ता ने आगे बताया कि याचियों को उक्त रिपोर्ट की प्रति नहीं दी गई थी। इसके बाद कोई कारण बताओ नोटिस भी जारी नहीं किया गया और बिल्कुल एकपक्षीय कार्यवाही करके बर्खास्तगी का बड़ा जुर्माना फिर से लगा दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि विवादित आदेश न केवल निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है, बल्कि अवमाननापूर्ण भी है।
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