बरेली: स्नातक की प्रवेश प्रक्रिया पूरी, 1.37 लाख ने लिए दाखिले
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक स्तर की प्रवेश पक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। पहले चरण में कई विवादों में घिरी प्रवेश प्रक्रिया दूसरे चरण में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। बुधवार को 991 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूरी की, जिसे मिलाकर अब तक 1,37,370 अभ्यर्थी प्रवेश …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक स्तर की प्रवेश पक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। पहले चरण में कई विवादों में घिरी प्रवेश प्रक्रिया दूसरे चरण में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। बुधवार को 991 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूरी की, जिसे मिलाकर अब तक 1,37,370 अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब भी करीब 32 हजार सीटें खाली रह गई हैं।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पहले चरण में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से विवादों में घिर गई थी, क्योंकि स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों पर बिना मर्जी के सीटें लॉक करने का आरोप भी लगा था। बीएससी नर्सिंग में पंजीकरण कराकर अन्य विषयों में प्रवेश लेने को लेकर भी विवाद हुआ था। यही वजह रही कि दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पुराने विवादों को निपटाने के साथ ही सही तरीके से प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों में करीब 550 महाविद्यालयों में से 540 कॉलेजों में स्नातक स्तर (बीए, बीएससी और बीकॉम) की प्रवेश प्रक्रिया को शुरू किया गया था। दो चरणों में करीब 1.69 लाख अभ्यर्थियों ने रुविवि की वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण कराया गया था। अब तक 137370 अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। बाकी करीब 32 हजार अभ्यर्थियों को प्रवेश का मौका अब मिल पाना मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि 30 सितंबर को इस बाबत कुलपति या कुलसचिव के स्तर से कोई आदेश पत्र जारी नहीं किया गया। ऐसे में बाकी सीटों को भर पाना अब मुश्किल नजर आ रहा है।
“रुविवि की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 15 अक्टूबर तक परीक्षा परिणाम घोषित करने के साथ ही 1 नवंबर से नए शैक्षिक सत्र को शुरू करने की तैयारी है। ऐसे में प्रवेश तिथि बढ़ाने के अब तक कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। इससे पहले दो बार प्रवेश तिथि को विस्तारित किया जा चुका है।” –-डा. अमित कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय
