अयोध्या: 17 साल से सिर्फ एक काम, सरयू तीरे लिख रहे राम-राम
अयोध्या, अमृत विचार। अयोध्या में राम नाम की धूनि रमाने वालों की कमी नहीं है, अगर देखना है तो रामनगरी चले आइये। यहां एक साधु ऐसे हैं जो 17 वर्षों से राम का नाम लिखते आ रहे हैं। ड्राइंग पेपर पर अलग-अलग पैटर्न पर लाल और हरे पेन से अपने आराध्य को जीवंत कर रहे हैं। बलिया जिले के रहने वाले विनोद मिश्र बताते हैं कि 2006 में उन्हें प्रयाग मेले के दौरान एक संत से राम नाम लिखने की प्रेरणा मिली।
इसके बाद उन्होंने परिवार को छोड़ दिया और अयोध्या आकर राम-राम लिखने लगे। उन्होंने बताया कि वह कभी भी चित्रकला में रुचि नहीं रखे, लेकिन आराध्य के प्रति ऐसी लगन लगी कि खुद ब खुद राम-राम लिखते-लिखते चित्र बनने लगा। नया घाट पर ही रहते हैं। खाने को कुछ मिल गया तो ठीक नहीं सरयू का जल पीकर ही वह अपनी भूख मिटा लेते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में मंदिर निर्माण का कार्य प्रशस्त कर दिया है। इसलिए अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या धाम जी में आ रहे हैं लिख रहे हैं। इसमें भी एक-एक शब्द राम-राम से बनाया गया है। उन्हें लखनऊ विश्विवद्यालय के कला एवं शिल्प महाविद्यालय की तरफ से राम शब्द से बने विभिन्न रूपों का अद्भुत सुलेखन के लिए प्रशिस्त पत्र भी मिल चुका है।
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