बरेली: कल से पुनरीक्षण कार्य शुरू, 370 बीएलओ की तैनाती नहीं
बरेली, अमृत विचार। खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 30 सितंबर तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतदाता पुनरीक्षण कार्य कराने के लिए बीएलओ की शत प्रतिशत तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि गुरुवार यानि 1 अक्टूबर से पुनरीक्षण कार्य शुरू हो रहा है। बुधवार तक 370 बीएलओ की तैनाती नहीं हो सकी थी। …
बरेली, अमृत विचार। खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 30 सितंबर तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतदाता पुनरीक्षण कार्य कराने के लिए बीएलओ की शत प्रतिशत तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि गुरुवार यानि 1 अक्टूबर से पुनरीक्षण कार्य शुरू हो रहा है। बुधवार तक 370 बीएलओ की तैनाती नहीं हो सकी थी।
इधर, सदर तहसील क्षेत्र के बिथरी चैनपुर में खंड शिक्षा अधिकारी ने ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ में लगा दी, जो ड्यूटी करने से मुकर रहे हैं। बीईओ की ओर से कई कर्मचारियों के प्रार्थनापत्र एसडीएम सदर कार्यालय पहुंचे। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने खेद जताते हुए कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर कठोर कार्यवाही के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है।
खंड शिक्षा अधिकारी को भेजी चिट्ठी में एसडीएम सदर ने कहा कि विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने एवं विभागीय कार्यों का दायित्व भली भांति निर्वाह करने में व्यस्त होने की वजह से किसी अन्य अध्यापक की ड्यूटी बीएलओ में लगाने की सिफारिश की थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आपकी आख्या से स्पष्ट है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शिथिलता बरतते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन न करते हुए प्रार्थना पत्रों को टालने के उद्देश्य से संस्तुति के साथ उनके यहां भेजा रहा है। निर्देश दिए कि ड्यूटी में लगे कर्मचारियों में से किसी भी कर्मचारी के प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करने के उपरांत उन्हें न भेजें।
बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने को शिक्षक एडीएम प्रशासन से मिलने पहुंचे
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी लगाने का विरोध शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग उठाते हुए बुधवार की शाम अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह को ज्ञापन सौंपा। मंडल अध्यक्ष डा. विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी न लगाने की कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट इलाहाबाद और लखनऊ पूर्व में शिक्षकों के हित में आदेश पारित कर चुकी हैं। निर्वाचन आयोग दिल्ली भी कई साल पहले शिक्षकों की ड्यूटी न लगाने को लेकर दिशा निर्देश जारी कर चुका है। पदाधिकारियों ने एडीएम प्रशासन से शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग जोरशोर से रखी। एडीएम प्रशासन ने मांग पर विचार करने की बात कही।
