मुरादाबाद: वाल्मीकि समाज में आक्रोश, चौबीस घंटे की हड़ताल कर मांगा इंसाफ

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मुरादाबाद, अमृत विचार। हाथरस की बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध से दुखी वाल्मीकि समाज का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने एकत्र होकर उस बेटी को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन की हुंकार भरी है। सफाई कर्मी चौबीस घंटे तक सफाई कार्य की हड़ताल करेंगे। साथ ही हड़ताल के …

मुरादाबाद, अमृत विचार। हाथरस की बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध से दुखी वाल्मीकि समाज का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने एकत्र होकर उस बेटी को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन की हुंकार भरी है। सफाई कर्मी चौबीस घंटे तक सफाई कार्य की हड़ताल करेंगे। साथ ही हड़ताल के दौरान सरकार से युवती के दुष्कर्मी हत्यारों के खिलाफ फांसी दिए जाने की अपील करेंगे। कर्मचारियों ने महापौर और नगर आयुक्त को भी हड़ताल की सूचना देकर सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया।

दलित न्याय संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एकत्र हुए सफाई कर्मचारियों ने हाथरस की उस घटना पर गहरा रोष प्रकट किया। पदाधिकारियों ने कहा कि हाथरस की एक बेटी की सुरक्षा के साथ ही नहीं, उस पीड़िता के इलाज को लेकर भी लापरवाही हुई है। युवती के साथ अराजकतत्वों ने दुष्कर्म किया, उसकी निर्मम हत्या कर दी। उसके बाद उस बेटी को इलाज दिए जाने में भी कोई खास कोशिश नहीं की गई। बच्ची हिम्मत वाली थी, जिसने कई दिनों संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया।

उसकी यह मौत जाया नहीं होने दी जाएगी। वाल्मीकि समाज और निगम के सफाई कर्मी एकजुट होकर इस बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। एक अक्टूबर से दो अक्टूबर तक चौबीस घंटे के लिए हड़ताल कर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान ओमीलाल वाल्मीकि, लल्ला बाबू द्रविड़, महावीर प्रसाद मौर्य, रंजीत सिंह काका, इंद्रेश वाल्मीकि, प्रेम बाबू वाल्मीकि, हरीओम वाल्मीकि, चंदन सिंह रैहदास, राजू अंबेडकर, तारा चंद्र दिवाकर, नेम सिंह बहेलिया आदि शामिल थे।

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