शादी की 33वीं वर्षगांठ पर पति ने चांद पर खरीदी जमीन, पत्नी को दिया नायाब तोहफा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार प्रयागराज। अगर आसमां तक मेरे हांथ जाते तो कदमों में तेरे सितारे बिछाते। 1993 में बनी फिल्म मेहरबान के इस गीत को एक शिक्षक पति ने हकीकत में बदलते हुए शादी की 33वीं वर्षगांठ पर एक नायाब तोहफा दिया है। जसरा एक एक शिक्षक ने अपनी पत्नी को तोहफ़े में चांद पर जमीन खरीद कर दी है।  जसरा एक रहने वाले शिक्षक डॉ. शिव कुमार केसरवानी ने चांद पर जमीन खरीद कर अपनी शादी की वर्षगांठ पर पत्नी को नायाब तोहफा देकर चांद से अपनी पत्नी की तुलना की है।  

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चांद पर खरीदी गई जमीन का पेपर

 

प्रयागराज के जसरा निवासी डॉ. शिवकुमार ने बताया कि शादी की 33वीं वर्षगांठ पर वह पत्नी को इस बार कुछ अलग तोहफा देने का मन बनाया था। उन्होंने सेना में अफसर अपने एक मित्र से संपर्क साधा और उन्होंने चांद पर जमीन खरीदने की सलाह दे दी। फिर क्या था शिव कुमार ने चांद पर अपनी चांद के लिए जमीन खरीद ली। उन्होंने बताया कि उनके मित्र ने भी वहां जमीन खरीदी है। 19 जनवरी को वैवाहिक वर्षगांठ पर उन्होंने पत्नी को चांद पर जमीन खरीदने का पेपर उपहार के तौर पर जब हांथ में दिया तो परिवार के सदस्य हैरान रह गए।

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पत्नी नेहा के नाम से पेपर 

 

पत्नी नेहा की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। डॉ. शिवकुमार के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर में उन्होंने अमेरिका में कार्यरत इंटरनेशनल लूनर लैंड रजिस्ट्री सोसाइटी से संपर्क किया था। उन्होंने इस जमीन के लिए ऑनलाइन सारे दस्तावेज भेज दिये थे। इसके बाद समिति ने इसकी स्वीकृति दी थी। इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट पेपल के माध्यम से 1.24 लाख का भुगतान भेजा गया था।

जमीन खरीदने के लिए उन्हें अपना मतदाता पहचान पत्र, पत्नी का आधार और नियुक्ति पत्र देना पड़ा था। उन्हें एक एकड़ भूमि आवंटित हुई है। उनका भूभाग चांद पर सी ऑफ क्लाउड के मेरे नेबियम क्षेत्र में है। डॉ. शिवकुमार ने बताया कि समिति के माध्यम से ही जानकारी मिली कि भारत में कई लोगों ने वहां पर जमीन खरीद रखी है, जिसके बाद उन्होंने कुछ लोगों से बात की।

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