मुरादाबाद : 201 महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा, मंदिर परिसर में हुआ रामलीला का मंचन
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा विहार स्थित ओम शिव हरी मनोकामना मंदिर की ओर से अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में 201 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकली गई। इसके बाद रामलीला का मंचन किया गया।

ओम शिव हरि मनोकामना मंदिर में पं. हरिश्चंद्र जोशी ने विधि विधान से कलश पूजन संपन्न कराया। इसके बाद पीतांबर वस्त्रों में 201 महिलाएं अपने सिर पर कलश रखकर गाजे बाजे के साथ निकली। कलश यात्रा में राम दरबार, बैंड बाजे, ढोल नगाड़े व डीजे शामिल था। बैंड बाजा और डीजे की धुनों पर रामभक्त भगवान राम के भजनों पर नाचते गाते चल रहे थे। रामलीला का मंचन वरिष्ठ रामलीला कलाकार विपिन भटनागर के नेतृत्व में संपन्न हुआ। जिसमें सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, बाणासुर-रावण संवाद, धनुष यज्ञ आदि प्रसंगों की प्रस्तुति हुई। उधर, हरथला स्थित प्राचीन शिव मंदिर से पं मनोज पाठक के नेतृत्व में भी 101 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली।
'निस्वार्थ भाव से करें सेवा कार्य'
मुरादाबाद आस्था कॉलोनी स्थित राधा कुंज दुर्गा मंदिर में चल रही राम कथा में रविवार को पं. बृजेश पाठक रामायणी ने कहा कि जीवन में आदर्श सेवा धर्म का पालन करने के लिए व्यक्ति का निस्वार्थ होना आवश्यक हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन में वचन का पालन करना और सभी के प्रति निःस्वार्थ सेवा भाव रखना प्रमुख था। आज के युग में जब लोग सेवा की आड़ में अपनी स्वार्थ पूर्ति में लगे रहते हैं। रामायण के आदर्श पात्र लक्ष्मणजी, हनुमानजी से सेवा का क्या स्वरूप होता हैं हमें सीखना चाहिए। कहा कि जब सेवा स्वार्थ पूर्ति के लिए की जाती है तो वह सेवा न रहकर व्यापार बन जाती हैं, लेकिन जब सेवा निस्वार्थ भाव से की जाती है, जन-जन को भगवान का रूप समझ कर की जाती है तो वह सेवा पूजा बन जाती है। व्यवस्था में ब्रह्मवतार गुप्ता, अशोक कुमार मेहरोत्रा, कमलेश रस्तोगी, अनुराग शुक्ला, राकेश वर्मा, देवेंद्र सिंह, पंडित राम प्रसाद जोशी, निमित जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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