Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में डॉ. आसिफ ने घर में किया सुंदरकांड… राममंदिर आंदोलन में काट चुके जेल
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में डॉ. आसिफ ने घर में किया सुंदरकांड।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में कानपुर के डॉ. आसिफ ने घर में सुंदरकांड का पाठ किया। डॉक्टर जाफरी राममंदिर आंदोलन में वर्ष 1990 और 1992 में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने कारसेवकपुरम में कई दिनों तक प्रवास किया।
कानपुर, अमृत विचार। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में पूरा शहर राममय है। ऐसे में वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर आसिफ अली जाफरी ने भी कल्याणपुर स्थित घर पर रविवार को सुंदरकांड का पाठ कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पति- पत्नी ने विधिवत पूजन अर्चन किया और सुंदरकांड का पाठ भी किया।
इस दौरान बड़े पैमाने पर लोग इस कार्यक्रम के हिस्सा बने। डॉक्टर जाफरी राममंदिर आंदोलन में वर्ष 1990 और 1992 में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने कारसेवकपुरम में कई दिनों तक प्रवास किया।

राम मंदिर निर्माण आंदोलनों में डॉ. जाफरी हिस्सा लेते रहे हैं। रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा बुलंद करने वाले डॉ. जाफरी और उनकी पत्नी काफी खुश हैं। रामलला मंदिर की स्थापना की शुरुआत हुई तो वे फूले नहीं समाए थे। अब प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं है। डॉक्टर जाफरी के अनुसार जो सेवा कार्य दशकों पूर्व किया था, उसका प्रतिफल अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर के रूप में मिल रहा है।
इससे ज्यादा सौभाग्य की बात हो नहीं सकती है। इसी कड़ी में सुंदरकांड के पाठ का आयोजन कराया है। डॉक्टर जाफरी रोजाना प्रभु श्रीराम की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और तिलक लगाते हैं। वह कहते हैं कि राम की कृपा उनके पूरे परिवार पर रहती है। राम सबके हैं। हमारे राष्ट्र गौरव हैं। उनमें सबकी आस्था है। उन्हें जाति-धर्म में नहीं बांटा जा सकता है।
