गोंडा: हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंका युवक का शव, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर हत्या का आरोप
शहर के सर्कुलर रोज स्थित नारायणा हॉस्पिटल में काम करता था मृतक
गोंडा, अमृत विचार। शहर के सर्कुलर रोड स्थित एक निजी हास्पिटल में काम करने वाले युवक की हत्या कर उसका शव रेलवे स्टेशन के करीब ट्रैक पर फेंक दिया गया। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में मृतक के परिजनों ने अस्पताल के डाक्टर पर हत्या का आरोप लगाया है और डीएम से मिलकर डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की है। गणतंत्र दिवस के दिन हुई हत्या की इस वारदात से जिले में हड़कंप मचा है।
परिजनों ने आरोपी डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। मोतीगंज थाना क्षेत्र से अचलपुर गांव का रहने वाला अंकित तिवारी (23) नगर कोतवाली क्षेत्र के सर्कुलर रोड स्थित नारायणा हॉस्पिटल में काम करता था। बुधवार की शाम करीब सात बजे वह हास्पिटल से छुट्टी कर घर जाने के लिए निकला था।
परिजनों के मुताबिक सात बजे के आसपास अंकित ने अपने पिता के मोबाइल पर फोन पर बात भी की थी लेकिन एक घंटे से अधिक का समय बीत जाने पर जब वह घर नहीं पहुंचा तो पिता अनिल तिवारी ने फिर उसके मोबाइल पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। फोन न रिसीव होने पर शंका हुई तो परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे।
अंकित के बारे जानकारी करने पर डाक्टर ने बताया कि वह घर जा चुका है लेकिन जब परिजनों ने घर न पहुंचने की बात कही तो डाक्टर ने जीआरपी से संपर्क करने के लिए कहा। परिजन जीआरपी पहुंचे तो उन्हें वारदात का पता चला। इस अप्रत्याशित सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों का आरोप है कि डाक्टर ने अपने साथियों संग मिलकर पहले अंकित की हत्या की और फिर उसका शव ले जाकर रेलवे स्टेशन के करीब ट्रैक पर रख दिया। परिजनों ने आरोपी डाक्टर दीपक सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है और डीएम से मिलकर शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराए जाने की मांग की है।
सिगरेट लाने से इंकार पर डाक्टर ने की थी पिटाई
इस पूरी वारदात के पीछे डाक्टर व अंकित के बीच हुआ विवाद बताया जा रहा है। अस्पताल में काम करने वाले कर्मियों की माने तो बुधवार की शाम डाक्टर दीपक ने अंकित से सिगरेट लाने के लिए कहा था लेकिन उसने सिगरेट लाने से इंकार कर दिया था।
इस पर डाक्टर से उसकी तू तू मै मै हुई तो डाक्टर ने उसकी पिटाई कर दी। घटना करीब सात बजे की है जब अंकित की छुट्टी हो चुकी थी और घर जाने के लिए तैयार था। इसके बाद से अंकित का फोन रिसाव नहीं हुआ। परिजन जब उसकी तलाश मे अस्पताल पहुंचे तो एक सहकर्मी ने उसकी लोकेशन ट्रेस की तो वह रेलवे स्टेशन के आसपास मिला।
...जब ट्रैक पर शव देख रुक गयी मालगाड़ी
हत्यारों ने अंकित को मौत के घाट उतारने के बाद उसकी हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए उसका शव रेल ट्रैक पर रखा था लेकिन जब उस ट्रैक से गुजर रही मालगाड़ी के चालक ने ट्रैक पर युवक को लेटा देखा तो उसने गाड़ी रोक ली और इसकी सूचना जीआरपी को दी।
चालक की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को ट्रैक से हटाया। अंकित के सिर और चेहरे पर चोट के गहरे घाव मिले हैं। इसके अलावा ट्रैक से दो मीटर दूर तक खून को निशान पाए गए हैं। इससे माना जा रहा है कि पहले उसकी हत्या की गयी और फिर उसे ले जाकर रेलवे ट्रैक पर लिटा दिया गया।
जिला अस्पताल में तैनात डा दीपक सिंह का है निजी हॉस्पिटल
नारायणा हॉस्पिटल डा दीपक सिंह बताया जा रहा है। डा दीपक की तैनाती जिला अस्पताल में है। मृतक अंकित बीएससी नर्सिंग पास था और पिछले दो साल से इस अस्पताल में काम कर रहा था। सहकर्मियों के मुताबिक मृतक अंकित काफी मिलनसार और सरल स्वभाव का था और कभी किसी से उसका विवाद नहीं हुआ था।
चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक अंकित
अचलपुर का रहने वाला मृतक अंकित अपने पिता का इकलौता बेटा था और चार बहनों का अकेला भाई था। अंकित की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है। परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और सभी रो रो कर बेहाल हैं।
पांच डाक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
गणतंत्र दिवस के दिन हुई इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए डीएम नेहा शर्मा ने शव के पोस्टमार्टम के लिए पांच डॉक्टरों का पैनल गठित किया है। परिजनों ने जिलाधिकारी से मिलकर डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद डीएम की तरफ से पांच डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। जिलाधिकारी ने परिजनों को दोषिषों के कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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