बाराबंकी : नयन हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, व्यवसायिक साझीदार ने की थी हत्या
बाराबंकी, अमृत विचार। हैदरगढ़ के बहुचर्चित नयन चौधरी हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। नयन चौधरी की हत्या उसके ही व्यावसायिक साझेदार ने कंपनी हड़पने के नीयत से की थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से तेरह कंटेनर सीमेन व तमंचा बरामद बरामद किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी सीएन सिन्हा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि 26 जनवरी को जूली कुमारी पत्नी नयन कुमार चौधरी निवासिनी डकवर टोली महोदीनगर थाना रोसरा जनपद समस्तीपुर (बिहार), हाल पता- इन्दिरा नगर जनपद लखनऊ द्वारा सूचना दी गई कि उसके पति नयन कुमार चौधरी की हत्या कर दी गई है। उसके पति शैलेन्द्र कुमार निवासी सिधौली जनपद सीतापुर एवं राहुल मौर्य पुत्र अनिल कुमार मौर्य निवासी पिलहटी थाना कुर्सी जनपद बाराबंकी के साथ मिलकर एक पिकप से जानवरों के सीमेन का क्रय-विक्रय का कार्य करते थे। कुछ दिन पूर्व रुपयों के लेन देन को लेकर शैलेन्द्र से विवाद हुआ था ।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्त राहुल मौर्य, मृतक नयन कुमार चौधरी व शैलेन्द्र कुमार पूर्व में लखनऊ की यूपीएडीआइ नामक कम्पनी में काम करते थे तथा वहीं से एक दूसरे से परिचित थे। शैलेन्द्र व नयन ने कम्पनी से काम छोड़ कर अलग नयन की पत्नी जूली के नाम अल्फा जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी खोल कर सीमेन के क्रय विक्रय का काम करने लगे एवं कुछ समय बाद राहुल मौर्य भी पूर्व की कम्पनी छोड़कर इन्हीं लोगों के साथ 01 लाख रुपये कम्पनी में लगाकर काम करने लगा। कम्पनी में शैलेन्द्र ने 01 लाख 40 हजार एवं बाकी रुपये नयन ने लगाये थे। अभियुक्त राहुल के पिता के खेत के कागजात व बैंक खाता आदि लगा कर गारण्टर बनाकर पिकप राहुल के नाम ले लिया गया एवं उसकी मासिक किस्त करीब 17 हजार रुपये को मुंशी पुलिया स्थित कोटक महिन्द्रा बैंक के कम्पनी खाते से राहुल के पिता के खाते पर ट्रांसफर कर दिया जाता था।
पिछले वर्ष अभियुक्त राहुल व शैलेन्द्र सीमेन लेकर जनपद फर्रुखाबाद गये थे जिसके विक्रय से करीब 23 हजार रुपये प्राप्त हुए थे, जिसे शैलेन्द्र ने गायब होने की बात नयन से बताई । किन्तु राहुल द्वारा नयन से बताया गया कि यह रुपये शैलेन्द्र ने अपने पास ही रख लिये हैं। रुपयों के लेन देन को लेकर शैलेन्द्र व नयन के मध्य अनबन होने के कारण नयन ने शैलेन्द्र को कम्पनी से निकाल दिया तथा उसके द्वारा कम्पनी में लगाये गये रुपयों में से 01 लाख 20 रुपये भी वापस कर दिये गये थे। शेष 20 हजार रुपयों को लेकर शैलेन्द्र व नयन के बीच विवाद बना रहा। राहुल के पैसे मांगने पर नयन, राहुल को भी शैलेन्द्र की तरह कम्पनी से निकाल देने की धमकी देता था। राहुल मौर्य ने कम्पनी पर एकाधिकार के लिए 25 जनवरी को रौनी अण्डर पास के पास नयन कुमार चौधरी के सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी । अभियुक्त राहुल मौर्य पुत्र अनिल कुमार मौर्य निवासी पिलहटी थाना कुर्सी को गिरफ्तार कर एक अदद पिकप, 13 अदद कण्टेनर सीमेन व तमंचा मय खोखा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया।
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