रामपुर: खूंखार कुत्तों ने 50 लोगों को बनाया शिकार, रेबीज लगवाने के लिए लगी भीड़
रामपुर, अमृत विचार। शहर में आवारा कुत्तों का खौफ दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्ले और चौराहों पर खड़े आवारा कुत्ते लोगों पर हमलावर होते जा रहे हैं। यह स्थिति तब की है जब नगर पालिका परिषद की ओर से 39 लाख रुपये का ठेका भी हो चुका है। इसके बाद भी गली-मोहल्लों में कुत्तों की टोलियां खड़ी रहती हैं।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार 50 लोगों के एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगे हैं। इमरजेंसी वार्ड के सामने बने 41 एआरवी वार्ड में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक कुत्ता, बिल्ली और बंदर के काटे हुए 66 लोग पहुंचे। खास बात यह है कि 50 लोगों को खूंखार कुत्तों ने काटा। इसमें सभी शहर के अधिकतर लोग शामिल हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो शहर में आवारा कुत्तों का खौफ बढ़ता जा रहा है।
एक तरफ नगर पालिका के अधिकारी आवारा कुत्तों से निपटने के लिए कई-कई दावे कर रहे हैं। लेकिन जिस हिसाब से जिला अस्पताल में रोजाना लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने को पहुंच रहे उन रोगियों की संख्या को देखते हुए तमाम दावे ध्वस्त हो रहे हैं। दो दिन पहले ही बिलासपुर गेट स्थित चपटा कालोनी में तीन साल के मासूम को आवारा कुत्तों ने नोच कर जख्मी कर दिया है। लेकिन, इसके बाद भी लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फार्मासिस्ट सरिता गुप्ता ने बताया कि शनिवार को अस्पताल में 50 लोगों के एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगे है। आम दिनों के मुताबिक इन दिनों में रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है।
इन पशुओं ने बनाया निशाना
जानवर संख्या
आवारा कुत्ते 50
बिल्ली 15
बंदर 01
600 गज में पालिका की ओर से बनाया डॉग सेटरलाइजेशन सेंटर
पनवड़िया स्थित नगर पालिका परिषद की ओर से 600 गज में डॉग सेटरलाइजेशन सेंटर बनाया है। आवारा कुत्तों का बधियाकरण कराए जाने के लिए चेरिटबल वेलफेयर सोसायटी फॉर हयूमेनिटी एंड एनिमल्स संस्था की ओर से सेटरलाइजेशन सेंटर बनाया गया है। संस्था के जिम्मेदारों ने बताया कि आवारा कुत्तों को बधियाकरण कराए जाने का ठेका एक साल के लिए एक माह पहले 39 लाख रुपये का हुआ है। अब तक 250 से अधिक कुत्तों का बधियाकरण कराया जा चुका है।
बताया कि शहर में गली मोहल्लों में कुत्तों को पकड़ने के बाद बधियाकरण कराए जाने के लिए टीम वाहन के जरिए लाती है। जहां इनको पांच दिन तक रखा जाता है। प्रत्येक कुत्ते का खर्च 1450 रुपये आता है। यहां पर एक हॉल दो कमरे और ओटी बनी हुई है। इसके अलावा पालिका की ओर से आईजीआरएस पोर्टल में लाई शिकायत के बाद टीम जाती है। यहां लाकर बधियाकरण कराया जाता है। इसके बाद जहां से उनको लाया जाता है उन्हें वहीं छोड़ दिया जाता हैं।
आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाई गई है, 39 लाख रुपये का ठेका हुआ है, पनवड़िया स्थित डॉग सेटरलाइजेशन सेंटर बनाया है। यहां पर दो कमरे और एक बड़ा हाल है। आईजीआरएस पोर्टल पर आई शिकायतों के बाद टीम भेजा जाता है।-दुर्गेश त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद
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