बरेली: 'गांव चलो' फार्मूले से सियासी जमीन और मजबूत करेगी भाजपा
अनुपम सिंह, बरेली, अमृत विचार। लोकसभा चुनाव की रणभेरी अभी भले ही न बजी हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी संगठन मिशन 2024 फतह करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कोई कोरकसर बाकी न रहे इसके लिए सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचेंगे। 24 घंटे प्रवास कर ग्रामीणों को पार्टी के पक्ष में साधेंगे। सरकार को लेकर उनके मन में क्या है इसे भी जानने का प्रयास करेंगे। उसी के अनुसार चुनाव की योजनाएं बनाई जाएंगी।
केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता सरल करने के लिए भाजपा संगठन ने उत्तर प्रदेश में सभी 80 सीटें जीतने की तैयारियां तेज कर दी हैं। विकास की योजनाओं से लेकर अन्य तमाम मुद्दों के सहारे पार्टी हर वर्ग को साधने की पुरजोर कोशिश में लगी है। चार फरवरी से 11 फरवरी तक ''गांव चलो'' अभियान भी लोकसभा चुनाव के लिए अपने पक्ष में माहौल बनाने का हिस्सा है।
इस अभियान में सांसद, विधायकों से लेकर मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, बीडीसी और संगठन के कार्यकर्ता जिले के एक-एक गांव को मथेंगे। हर गांव में 24 घंटे के प्रवास का कार्यक्रम रहेगा। 'गांव चलो' अभियान के पीछे संगठन का उद्देश्य साफ है कि एक-एक व्यक्ति तक पहुंचकर अपनी बात सलीके से रखेंगे। उन्हें भाजपा की योजनाओं, क्रियाकलापों और पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज के बीच का फर्क समझाएंगे।
इस दौरान 2014 से अब तक यानी दस साल में गांव, गरीब, किसान, नाैजवान, महिलाओं ने क्या बदलाव महसूस किए हैं। भाजपा सरकार को लेकर उनके मन में क्या चल रहा है, इसकी थाह लेंगे। अभियान के बाद जनता से मिले फीडबैक पर आधारित रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजेंगे।
गांव चलो अभियान की रूपरेखा
जिले में 1188 ग्राम पंचायतें हैं और 2000 से अधिक गांव हैं। भाजपा का प्रयास है कि चुनाव से पहले हर गांव, हर व्यक्ति तक पार्टी के लोग पहुंचें। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें सांसद, विधायक से लेकर बूथ समितियों के सदस्य भी शामिल रहेंगे। शाम को गांव में ही बैठक होंगी, जिसमें पुरुषों से लेकर महिलाएं भी शामिल होंगी। अगले दिन स्वच्छता अभियान चलेगा। शाम को फिर बड़ी बैठक कर सरकार की तमाम योजनाओं के फायदे, जीवन में आए बदलाव के बारे में समझाकर उनके मन की बात जानकर प्रवास खत्म किया जाएगा।
राममंदिर, कर्पूरी ठाकुर का सम्मान भी होगा मुद्दा
सात दिन के गांव चलो अभियान में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान के जरिये लोगों को साधा जाएगा। यही नहीं, पिछले कुछ वर्षों में विश्व पटल पर भारत की बदली छवि को भी मुद्दा बनाया जा सकता है। दरअसल, राम मंदिर और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न का फैसला चुनाव में बड़े फैक्टर के रूप में देखा जा रहा है। कर्पूरी ठाकुर बिहार की अति पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे। ऐसे में चुनाव से पहले उन्हें सम्मान देना इस वर्ग को पार्टी के साथ जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
10 सालों में बूथ वार हार-जीत की होगी समीक्षा
भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा कहते हैं कि लोकसभा चुनाव करीब है। भ्रष्टाचार, अपराध, जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर 4 फरवरी से पार्टी हर एक गांव में जाएगी। प्रत्येक कार्यकर्ता को एक ग्राम पंचायत दी जाएगी। 2014, 2017, 2019 और 2022 में किस बूथ को जीता और कहां हार मिली, इसकी भी समीक्षा होगी।
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