लखनऊ : अखिलेश यादव से मिले कोविड-19 कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि, समायोजन को लेकर एमपी और हरियाणा का दिया उदाहरण

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लखनऊ, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सोमवार को उत्तर प्रदेश के कोविड-19 कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमण्डल ने कोविड- 19 महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में नियुक्त किए गए कर्मचारियों को समायोजित कराने की मांग की। प्रतिनिधिमण्डल ने ज्ञापन में बताया कि मध्य प्रदेश और हरियाणा की सरकार ने कोविड-19 के दौरान नियुक्त कर्मचारियों को समायोजित किया है।

कोविड-19 महामारी के दौरान कोविड कर्मचारियों की नियुक्ति कोविड महामारी के दौरान 2020 में अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी जिलों में नियुक्त किये गये थे। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, चिकित्सक, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, वेन्टीलेटर ऑपरेटर, ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन, एनएमएस, ओटी, टेक्निशियन, वार्ड ब्वाय और स्वीपर शामिल हैं।

प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि सभी कर्मचारियों ने कोविड महामारी के दौरान अपनी और अपने परिवार की परवाह न करते हुए कोविड संक्रमित मरीजों की देखभाल और उपचार किया। वर्तमान में भी कर्मचारी आरोग्य मेला, आयुष्मान कार्ड, यूडीएसपी, डेंगू एवं अन्य कार्यक्रम में प्रत्येक गांव व शहर में घर जा-जाकर अपना कार्य निष्ठा पूर्वक कर रहे हैं।

हरियाणा सरकार ने कोविड -19 महामारी के दौरान कोविड में रखे गये कर्मचारियों को समायोजित करने को 10.10. 2023 को आदेश कर दिया है। मध्य प्रदेश की सरकार ने भी कोविड महामारी के दौरान रखे गये कर्मचारियों को एनएचएम में समायोजित कर दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों को अभी समायोजित नहीं किया गया है।

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