रायबरेली: पांच साल से शुद्ध जल को तरस रही 50 हजार की आबादी, सफेद हाथी बनीं बन्नामऊ पेयजल योजना, ग्रामीणों में रोष

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जल निगम के अधिकारियों कि लापरवाही से 15 ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति हुई ठप

रायबरेली। लालगंज कस्बे से सटे गोविंदपुर वलौली गांव में हाईवे की सड़क के किनारे स्थित बन्नामऊ पेयजल योजना वर्तमान में सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गई है। वजह, पिछले पांच साल से यहां से जुड़े गांवों में पानी के एक बूंद तक नहीं पहुंच पाना। अफसरों के ढीले रवैये के कारण इसके दोनों पंप खराब पड़े हैं। इससे करीब 50 हजार की आबादी पानी के संकट से जूझ रही है।

बन्नामऊ योजना की स्थापना 1980 में हुई थी। इससे करीब 15 ग्राम पंचायत में पानी की आपूर्ति होती थी। पांच वर्षों से बन्नामऊ पेयजल योजना के दोनों पंप खराब हो जाने से पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। वहीं प्रदेश और केंद्र सरकार हर घर को नल से पानी देने की योजना के साथ काम कर रही है। लेकिन जल निगम के अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते पुरानी पेयजल योजना चौपट होती जा रही है।

विभाग ने इस पेयजल योजना के तहत तैनात रहें दर्जनों कर्मचारियों को भी हटा दिया है। अब इस पानी टंकी की देखभाल करने वाला भी कोई नही बचा है।

देखरेख के अभाव में बिगड़ने लगी व्यवस्था

पेयजल योजना में कई सरकारी आवास बने हुए हैं। दो नलकूप और एक भारी भरकम पानी की टंकी बनी हुई है। बावजूद इसके करोड़ों रुपयों की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में सरकारी अधिकारी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अगर केवल नई बोरिंग करा दी जाए तो पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो सकती है। गोविंदपुर वलौली निवासी श्रीधर शुक्ला, रज्जन लाल बाजपेई आदि ने बताया कि पांच-छह वर्ष पूर्व पानी आता था। इधर, पानी के दर्शन तक नहीं हो रहे हैं। जिससे पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे हैं।

बन्नामऊ पेयजल योजना से लगी हुई ग्राम पंचायतों में अलग से पानी की टंकी बनाने के टेंडर हो गए हैं। छह माह के अंदर पानी की सप्लाई शुरू होने की संभावना है। पेयजल की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।

                                                                                              सफीकुर्रहमान, अधिशाषी अभियंता, जल निगम

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