Fatehpur: ताकत बढ़ाने का झांसा देकर बेची जा रही नशे की गोलियां, विभाग एक भी दुकानदार के खिलाफ नहीं करा सका कार्रवाई
फतेहपुर में ताकत बढ़ाने का झांसा देकर बेची जा रही नशे की गोलियां।
फतेहपुर में ताकत बढ़ाने का झांसा देकर नशे की गोलियां बेची जा रही। रैपर में पैक हुई नशे की गोलियों को आयुर्वेद बताकर बेचा जा रहा।
फतेहपुर, अमृत विचार। नशे की गोलियों को टाफी के रैपर में पैककर ताकत बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवा बताकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। गांव से शहर तक पान की दुकानों से लेकर किराना की दुकानों पर बिक रहे। इस नशे के प्रति कार्रवाई कराना तो दूर जिला आयुर्वेद व यूनानी विभाग जागरूकता तक का प्रयास नहीं कर रहा है।
स्कूल कॉलेज ही नहीं बल्कि अस्पतालों के आसपास की पान व किराना की कई दुकानें नशे की गोलियां बेच रही हैं। विभिन्न नाम से बिकने वाली यह गोलियां टॉफी जैसे दिखने वाले रैपर में पैक होती हैं। वैसे तो इन्हें आमतौर पर भांग की गोली मानकर नशेड़ी खरीदते हैं। लेकिन कई दुकानदार इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए युवाओं से झूठ बोल रहे हैं कि इसे खाने से ताकत बढ़ जाती है।
आयुर्वेदिक बताकर यह भी झांसा देते हैं कि इसको खाने से कोई नुकसान नहीं होता। कुछ दुकानदार इसे पेट का पाचन तंत्र दुरुस्त कर भूख बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक वटी बताकर युवाओं को बरगला रहे हैं तो कुछ इसे अच्छी नींद लाने की दवा बताकर बेच ले रहे हैं। जबकि डॉक्टर इसे बहुत ही घातक बता रहे हैं। उधर जिला आयुर्वेद व यूनानी विभाग इस मामले पर न तो लोगों को जागरूक कर रहा है और न ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करा रहा है। शासन से पिछले साल ऐसी दुकानों पर कार्रवाई का आदेश आया था लेकिन वह भी कागजी खानापूरी तक सिमटकर रह गया।
याददाश्त निगल रही गोली
वरिष्ठ फिजीशियन डा. एनके सक्सेना का कहना है कि नशे कि इन गोलियों से शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त तो होते ही हैं, लत अधिक बढ़ जाने पर याददाश्त तक विपरीत रूप से प्रभावित होने लगती है। समय रहते इस पर रोक न लगने पर शरीर इन गोलियों का आदती हो जाता है। बिना उसे खाए मरीज को बेचैनी होने लगती है।
सस्ते के चक्कर में फंस रहे लोग
मुनक्का के नाम से बेची जा रही नशे की गोलियों की कीमत मात्र दो या तीन रुपये है। इससे सस्ता कोई नशा नहीं है। इसलिए छात्र, युवा और मजदूर आदि तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। वहीं इसे बेचने वाले दुकानदार को लागत का दो गुना लाभ हो रहा है। सूत्रों की मानें तो 40 गोली का एक पैकेट 45 रुपये में दुकानदार को मिलता है। जबकि यह दो से तीन रुपये में एक पीस बिक रही है।
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