Hamirpur: मासूम के गले में फंसा सेब का टुकड़ा नहीं निकाल सके चिकित्सक… मौत, सीएचसी गेट पर धरने पर बैठे परिजन
हमीरपुर में मासूम के गले में फंसा सेब का टुकड़ा नहीं निकाल सके चिकित्सक की मौत।
हमीरपुर में मासूम के गले में फंसा सेब का टुकड़ा नहीं निकाल सके चिकित्सक की मौत हो गई। बच्चे की मौत से गुस्साए मृतक के पिता सीएचसी के गेट पर धरने पर बैठ गए।
हमीरपुर, अमृत विचार। राठ कस्बे के सीएचसी में संसाधनों के साथ डाक्टरों की कमी है। इसका खामियाजा कस्बे के लोगों को जिंदगी गवां कर गुजारनी पड़ रही है। मंगलवार की शाम संसाधनों की कमी के चलते गले में सेब का फंसने से 10 माह के बच्चे की मौत हो गई।
बच्चे की मौत से आक्रोशित पिता परिवार के साथ संसाधनों और समुचित व्यवस्थाओं की मांग को लेकर बुधवार तड़के से सीएचसी गेट पर धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठते ही चिकित्सकों और स्टाफ में हड़कंप मच गया।
कस्बे के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी संजय सोनी उर्फ रामू ने बताया कि मंगलवार की रात उसके 10 माह के मासूम बच्चे चीकू के गले में सेब का टुकड़ा फंस गया था। वह तत्काल बच्चे को लेकर सीएचसी पहुंचा। सीएचसी में संसाधनों व सुविधाओं व स्पेसलिस्ट चिकित्सकों की कमी से बच्चे के गले में फंसे सेब के टुकडे़ को नहीं निकाल सके। चिकित्सकों ने बच्चे को उरई रेफर कर दिया। जहां उसके बच्चे की मौत हो गई।
बुधवार सुबह संजय सोनी अपने परिवार के साथ सीएचसी पहुंचा और गेट पर धरना पर बैठ गया। उसने बताया कि अस्पताल में कोई भी व्यवस्थाएं नहीं है। सीएचसी रेफर सेंटर बन गया है। बताया वह डीएम को बुलाने की मांग पर धरने पर बैठा है। मौके पर पहुंचे सीएमओ और अपर जिलाधिकारी ने किसी तरह से जांच का आश्वासन दे मामले को शांत करा धरना समाप्त कराया।
सीएमओ डॉ. गीतम सिंह और अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि घटना की जांच कराई जाएगी। सीएचसी की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए शासन को पत्राचार किया जाएगा।
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