पीलीभीत: सरकार के अंतरिम बजट से व्यापारियों-आमजन की बढ़ी उम्मीदें, जानिए क्या कहा?

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार अपना अंतरिम बजट पेश करने जा रही है। वर्ष 2024 की शुरुआत के साथ ही देश के आम आदमी की फिर वह चाहे वेतन भोगी कर्मचारी हो या फिर कारोबारी सबकी नजर आने वाले बजट 2024-25 पर टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को यह बजट पेश करेंगी। इस बजट से आम आदमी और व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। सरकारी कर्मचारी और व्यापारियों  को जीएसटी स्लैब, आयकर सीमा में छूट मिलने की संभावना जताई जा रही है।

उद्योगपतियों को भी उद्योग स्थापित करने को लेकर आयकर टैक्स में छूट मिलने की संभावना है। जिले में कई उद्योग चल रहे हैं। पिछले बजट में उद्योगपतियों को ज्यादा राहत नहीं मिल सकी थी। मगर इस बार आम बजट  में जीएसटी और इनकम टैक्स में छूट मिल सकती है। साथ ही ऋण के ब्याज दरें घटने की उम्मीद है। कम ब्याज दरों में व्यापारियों को ऋण दिलाने की मांग है। 

व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में सरलीकरण और आयकर में छूट मिलने की आस हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों के चलते प्रभावित हो रहे बाजार से व्यापारी परेशान है। इसलिए उन कंपनियों पर 20 फीसदी टैक्स लगाए। ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हों। वहीं सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि सेवा क्षेत्र में जीएसटी स्लैब 18 से घटाकर पांच प्रतिशत करने, होटल में एक हजार के कमरे को जीएसटी से मुक्त रखने की मांग है। 

सराफा कारोबारियों का कहना है कि बजट में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की घोषणा सरकार को करना चाहिए। इससे सोने की तस्करी भी रुकेगी। साथ ही व्यापारियों को लाभ होगा।  जीएसटी में भी छूट का लाभ मिले। इधर, सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि आयकर में राहत की तुलना महंगाई भत्ता में पर्याप्त बढ़ोत्तरी नहीं हुई। इसलिए नौकरीपेशा के लोग कर्जदार बन रहे हैं। 

सरकार को अंतरिम बजट में सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद दिख रही है। सरकारी कर्मचारियों की मंशा है कि  दस लाख रुपये तक आयकर मुक्त होना चाहिए। और जीएसटी में भी छूट मिले। इधर, टैक्स स्लैब में सुधार होने की उम्मीद है। करदाताओं को उम्मीद है कि मूल कर छूट सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख  तक कर दिया जाए। चुनाव को देखते हुए किसान और महिलाओं को भी काफी कुछ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  फिलहाल, हर तबके का वर्ग अपने-अपने हिसाब से पेश होने वाले बजट को लेकर कयास लगाया जा  रहा है।

टैक्स में रियायत मिलने की उम्मीद नहीं
आने वाले बजट में टैक्स में कोई अधिक रियायत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। सरकार ने इस साल से टैक्स में सात लाख रुपये की छूट  तय कर दी है। जो पहले पांच लाख तक हुआ करती थी। इसलिए कुछ अधिक बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। फिलहाल अन्य सेक्टर में बदलाव हो सकता है--- शिरीष सक्सेना, इनकम टैक्स अधिवक्ता।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग
सरकार को बजट में ऐसी योजना लानी चाहिए। जिससे पुरानी पेंशन की बहाली की जाए। कर्मचारियों को वर्तमान में मिलने वाला महंगाई भत्ता वर्तमान समय को देखते हुए कम है। जिससे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही सरकारी कर्मचारी को आयकर में छूट मिलनी चाहिए। साथ ही अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। -विमल सक्सेना, जिला मंत्री उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ

आयात शुल्क कम होने से आएगा सुधार
बजट से सराफा बाजार को काफी उम्मीदें हैं। सरकार को जेवर बेचने पर जीएसटी में छूट दी जानी चाहिए। साथ इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की घोषणा भी करना चाहिए। इससे सोने की होने वाली कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी। दो लाख रुपये की खरीद पर जो पेन कार्ड लगता है।  इस प्रणाली में सुधार होगा। तो व्यापारियों को फायदा होगा--- शैली अग्रवाल, महामंत्री सराफा एसोसिएशन।

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