हरदोई : फूल को फलने न देंगी पुरवइया हवाएं, मौसम में उलट-फेर होने से और चमक सकती है गेंहू की फसल
चना,मटर, सरसों और अरहर की फसल को देखने पड़ सकतें हैं बुरे दिन
मोहम्मद खालिद / हरदोई, अमृत विचार। सर्दी अपने आखिरी पड़ाव पर है,उसी बीच अचानक मौसम में उलट-फेर होने से हुई बारिश से जहां गेंहू की अच्छी पैदावार की उम्मीद की जा रही है, वहीं चलने लगीं पुरवइया हवाओं से फूल वाली फसल पर असर पड़ सकता है। जैसा कि जानकार लोगों का कहना है कि पुरवइया हवाओं से फूल वाली फसल जैसे चना,मटर, सरसों और अरहर की फसल घाटे का सौदा साबित हो सकती है।
बताते चलें कि पूस के बाद अब माह की शुरुआत हो चुकी है। माह का महीना सर्दी का आखिरी पड़ाव माना जाता है। यूं कहें कि सर्दी जाने वाली है,उसी बीच बुधवार की शाम को अचानक मौसम में उलट-फेर होने से बारिश के साथ पुरवइया हवाओं ने ज़ोर पकड़ लिया। बारिश जहां गेंहू की फसल अच्छी पैदावार दे सकती है, लेकिन पुरवइया हवाओं से फूल वाली फसल जैसे चना, मटर, सरसों और अरहर पर खासा असर पड़ सकता है।कहा जा रहा है कि पुरवइया हवा से फूल पेड़-पौधों से गिर जाते हैं,जो अच्छी पैदावार में रोड़ा पड़ सकता है। जहां पुरवइया हवाओं से फूल वाली फसल करने वाले किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं, वहीं बारिश होने से गेंहू की फसल करने वाले किसानों के चेहरे चमक रहें हैं। कुछ जानकार किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह से पुरवइया हवा चलती रही तो पिछड़ चुकी सरसों की फसल की पैदावार पर काफी असर पड़ सकता है।

फसल की कहानी, किसानों की ज़ुबानी
रामप्रकाश- वैसे तो आवारा जानवरों की वजह से चना और मटर बोने का इरादा नहीं था, लेकिन फिर भी मन नहीं माना और किसी तरह बड़ी उम्मीद से चना और मटर की फसल बोई, लेकिन पुरवइया हवा से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पुष्पेन्द्र सिंह- आवारा जानवरों के डर से चना और मटर की फसल नहीं की, सिर्फ गेंहू की फसल की है। बारिश होने से गेंहू की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जागी है।
सोबरन लाल- इधर सबसे ज़्यादा गेंहू की फसल की जाती है, पहले तो चना, मटर भी खूब होती थी, लेकिन आवारा घूमने वाले जानवरों की वजह से अब कोई भी किसान उसे करने से कतराने लगा है।
सत्येन्द्र कुमार-एक फसल बोने के लिए न जाने क्या-क्या करना पड़ता है। किसी तरह खाद,बीच और पानी का इंतज़ाम करना पड़ता है और फिर जब फसल बर्बाद हो जाए तो ऐसा लगता है कि उसका सारा कुछ छिन गया हो।
खेतों में नहीं दिखाई देगी चना और मटर की फसल
चना और मटर की खेती करने वाले किसान जिस तरह से आवारा जानवरों की वजह से फसल न बोने की बात कर रहें हैं, उससे ऐसा लगने लगा है कि अगर ऐसा ही रहा तो फिर चना और मटर की फसल खेतों में लहलहाती हुई नहीं दिखाई देगी। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि किसी तरह उधार-कर्ज़ ले कर चना और मटर की फसल बोई जाए और फिर आवारा जानवर उसे चट कर जाएं, फिर कैसे उधार चुकाया जाए और कैसे पेट पाला जाए ?

कीचड़ में स्लिप हुईं बाइक, राहगीर फिसल कर गिरे
बारिश होने से शहर के लगभग सारे मोहल्ले और वहां की गलियों में किच-किच हो गई। किसी की बाइक स्लिप हुई तो कोई पैदल जा रहा राहगीर फिसल जाने से गिर पड़ा। बुधवार की सुबह कांशीराम कालोनी निवासी संतोष काम करने शहर आया हुआ था,वह बावन चुंगी से पैदल जा रहा था,उसी बीच पुलिया के पास कीचड़ में पैर पड़ने से वह फिसल कर गिर पड़ा, जिससे उसके पैर और कमर में काफी चोट पहुंची।
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