Budget 2024: शहर की विकास योजनाएं परवान चढ़ने को मिलेंगे पंख, एलिवेटेड रोड, रेल ट्रैक समेत इनकी उम्मीद होगी पूरी
कानपुर की विकास योजनाएं परवान चढ़ने को पंख मिलेंगे।
कानपुर की विकास योजनाएं परवान चढ़ने को पंख मिलेंगे। एलिवेटेड रोड, रेल ट्रैक, लॉजिस्टिक पार्क, कबरई फोरलेन और गंगा पर नए पुल की उम्मीद पूरी होगी।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में एलिवेटेड रोड और रेलवे ट्रैक के साथ गंगा पर नए पुल, लॉजिस्टिक पार्क और कानपुर-सागर नेशनल हाईवे के समानांतर फोरलेन की उम्मीद परवान चढ़ने को अंतरिम बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिए जाने से पंख लग गए हैं।
चुनावी साल में प्रदेश में जिन सड़क परियोजनाओं की घोषणा पिछले दिनों हुई है, वित्त मंत्री की घोषणा से माना जा रहा है कि उनके लिए धन आवंटन का रास्ता साफ हो गया है, भले ही इसके लिए जुलाई माह में आने वाले पूर्ण बजट तक के लिए इंतजार करना पड़े।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। इसका बड़ा फायदा प्रदेश को मिल सकता है, इसकी वजह यह है कि यूपी की योगी सरकार लगातार प्राथमिकता पर कनेक्टिविटी योजनाओं को बढ़ावा देने में जुटी है। शहर के सांसद सत्यदेव पचौरी पहले ही शहर की बहुप्रतीक्षित अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेल ट्रैक परियोजना का शिलान्यास इसी माह होने की बात कह चुके हैं।
मुख्य सचिव व रेलवे अधिकारियों की सहमति से इस परियोजना में बाधक बन रही जरीब चौकी रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास स्वीकृत हो चुका है। एलिवेटेड रेल ट्रैक के निर्माण से शहर के बीच से गुजरने वाली फर्रखाबाद रेल लाइन के कारण 18 रेलवे क्रासिंगों पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। ऐलिवेटेड रेल ट्रैक के निर्माण से आसपास की बाजारों को भी फायदा होगा। जरीब चौकी अंडरपास बनने से योजना की अनुमानित एक हजार करोड़ लागत भी 150 करोड़ रुपये घट चुकी है।
इसी तरह रामादेवी से गोल चौराहा तक जीटी रोड पर करीब 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जाना है। विधान सभा चुनाव से पहले सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शिलान्यास भी किया था।
इस एलिवेटेड रोड के बनने से कोकाकोला, गुमटी, जरीब चौकी, अफीम कोठी, झकरकटी, टाटमिल चौराहे पर रोज लगने वाले जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर के लिए कंसलटेंट नामित किया जा चुका है।
ऐसी ही एक और बड़ी समस्या नौबस्ता से रमईपुर के बीच हर समय लगने वाले जाम के साथ हमीरपुर मार्ग पर आएदिन होने वाले हादसे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कानपुर-सागर नेशनल हाईवे के समानांतर फोरलेन का निर्माण लंबित है। कानपुर-कबरई फोरलेन को तकनीकी हरी झंडी के साथ पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मिल चुका है।
पांच पैकेज में बनने वाले इस फोरलेन हाईवे के 46 किलोमीटर काम का ठेका भोपाल की एक कम्पनी को दिया जा चुका है। यह फोरलेन कानपुर-सागर नेशनल हाइवे के समानांतर 112 किमी लंबा होगा और यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर तैयार होगा। इसमें चार बड़े और छह छोटे पुल बनाए जाएंगे। चार फ्लाईओवर व एक रेलवे ब्रिज के साथ 21 अंडरपास बनने हैं।
ऐसी ही एक और परियोजना जो एक दशक से लंबित है, वह है शहर से गंगा बैराज मार्ग को जोड़ा जाना। इसके लिए पहले सरसैयाघाट से पुल बनाने का फैसला हुआ है। लेकिन तकनीकी अड़चन के कारण मामला अटका है। अब सिविल लाइंस में टैफ्को के पास से पुल निर्माण के साथ एनएचआईए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने गंगा में टनल बनाकर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया है।
नए शहरों के लिए मिल सकती उड़ान
बजट में उड़ान योजना के तहत टियर-टू और टियर-थ्री शहरों के लिए हवाई संपर्क का व्यापक विस्तार करने की बात कही गई है। कानपुर से मुरादाबाद की विमान सेवा शुरू होने वाली है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अयोध्या, आगरा, वाराणसी और खुजराहो जैसे स्थानों के लिए विमान सेवा शुरू हो सकती है।
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