Budget 2024: विपक्ष ने नकारा लेकिन अन्य वर्गों को बजट में दिखीं उम्मीद, उद्यमी बोले...
विपक्ष ने नकारा लेकिन अन्य वर्गों को बजट में दिखीं उम्मीद।
विपक्ष ने नकारा लेकिन अन्य वर्गों को बजट में दिखीं उम्मीद। उद्यमी बोले टैक्स में रियायत से अधिक जरूरी संसाधनों की उपलब्धता है।
उन्नाव, अमृत विचार। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वार प्रस्तुत बजट को विपक्ष ने निराशाजनक बताया है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि भाजपा सभी को भ्रमित रखकर सत्ता में बने रहने का प्रयास करती है। इसलिए चुनाव पूर्व अंतरिम बजट में सिर्फ भ्रम खड़ा किया गया है। वहीं अन्य वर्गों खासकर उद्यमियों ने कहा कि सिर्फ टैक्स छूट से भला नहीं होने वाला है। इसलिए नए उद्योगों की स्थापना के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
औद्योगिक विकास के लिए संसाधनों की उपलब्धता जरूरी है और इधर हाल के वर्षों में औद्योगिक कारीडोर सहित एक्सप्रेस-वे व अन्य आधुनिक सड़कों के निर्माण से उद्यमियों का भरोसा बढ़ा है। बजट को लेकर जिले के उद्यमी सरकार के साथ खड़े दिखे। उनका कहना है कि संसाधनों का विकास होना चाहिए। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रभाव बढ़ने पर संतोष जता भविष्य में इसका लाभ मिलेगा।
उद्यमी और नेताओं से बातचीत
उद्यमी संजय राठी ने बजट को औद्योगिक विकास के अनुकूल बताया। कोई अन्य सरकार होती तो चुनाव जीतने को ऊल-जुलूल घोषणाएं कर जनता से ठगी करती। लेकिन, मौजूदा सरकार ने संयम के साथ सात यानी दो लाख रुपए आयवृद्धि पर रियायत दी है, जो न्यायोचित है। कहा कि उद्योग व कारोबार से होने वाली आय का उपयोग संसाधनों के विकास पर होना चाहिए। जो आधुनिक सड़क निर्माण सहित एयरपोर्ट व रेल संसाधनों खासकर गुड्स परिचालन पर किया जा रहा है।
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सपा के पूर्व विधायक उदयराज यादव ने कहा कि अंतरिम बजट के नाम पर केंद्र सरकार ने एक बार फिर लोगों को छला है। सरकार जवाबदेही से बचती रही है और बजट प्रस्तुत करने में भी केंद्रीय वित्त मंत्री ने इसी फार्मूले पर अमल किया है।
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कांग्रेसी नेता दिनेश शुक्ल ने कहा कि सरकार जीएसटी से कर वसूली से धनार्जन राजनीतिक लाभ के लिए करती है। इसीलिए जनता को कर वसूली का लाभ न देकर पीएम की विदेश यात्राओं व अन्य कार्य होते हैं।
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भाजपा नेता सुरेश शुक्ल ने कहा कि सभी वर्गों को बजट में राहत दी गई है। अगर बजट को अमलीजामा पहनाया गया तो लोगों के हित में होगा। सरकार ने हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखते हुये बजट पेश किया है।
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सपा नेता वीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि बजट महज चुनावी लॉलीपॉप है। किसी भी वर्ग और महंगाई को लेकर कोई भी योजनाएं नहीं लाई गई है। वहीं जीएसटी की विसंगतियों को भी नहीं दूर किया गया है। जिससे व्यापारियों को परेशानी हो रही है।
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