तो फिर पैदल चलकर फिरोजाबाद महोत्सव देखने आ जाइए ... बोले ..डीएम साहब
फिरोजाबाद, अमृत विचार। तहसील दिवस का आयोजन जनता की समस्या के समाधान के लिए किया जाता है और जब इसमें जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद हों तो समस्या के समाधान की गारंटी ज्यादा हो जाती है। लेकिन फिरोजाबाद के जिला अधिकारी डॉक्टर उज्ज्वल कुमार जनता की समस्या को सुनने में शायद थोड़ी कम दिलचस्पी रखते हैं।
शनिवार दोपहर 1:20 बजे टूंडला की जनसमस्याओं को सुन रहे डीएम साहब को वहां की एक बड़ी समस्या टोल टैक्स से रणभेरी के संयोजक और सचिव हैप्पी उपाध्याय अवगत कराने पहुंचे। इसी दरमियान मीडिया के कुछ साथी वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कर रहे थे तो डीएम साहब ने पलट कर देखा और कहा कि मैं कोई स्टार थोड़े ही हूं जो आप लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कर रहे हैं। अगर आपको स्टार देखना चाहते हैं तो फिरोज़ाबाद महोत्सव आ जाइए।
फिरोजाबाद महोत्सव का नाम सुनते ही डीएम साहब को रणभेरी के संयोजक ने कहा कि सर फिरोजाबाद तक पहुंचने के लिए ₹300 या डेढ़ सौ रुपए का टोल देना पड़ता है इसी समस्या को लेकर आपके पास आए हैं। तो डीएम साहब बोले तो फिर फिरोजाबाद महोत्सव देखने पैदल ही आ जाइए। डीएम साहब के चेहरे पर मुस्कान थी लेकिन यह टूंडला शहर के लोगों या फिर यूं कहें के टोल के इस तरफ रह रहे तमाम वाशिंदो के लिए एक तंज भी था कि आपकी समस्या डीएम साहब भी नहीं सुलझा सकते। डीएम साहब ने भारी तहसील दिवस में पैदल आने या फिर पीछे के रास्ते से गाड़ी निकालने की बात तो कह दी लेकिन इस गंभीर समस्या को एक नजर उठाकर चिट्ठी की तरफ देखा भी नहीं और यह कहते हुए पीछे थमा दी कि यह प्रधानमंत्री जी को भेजनी है देख लीजिए।
जब जिलाधिकारी महोदय को चौराहे पर बस स्टैंड पर बनी दुकान और दूसरे मार्केट टूटने के बाद भी जाम की समस्या से निजात ना मिलने का कारण बताया गया तो डीएम साहब ने इस समस्या को भी दरकिनार कर दिया। सवाल यह खड़ा होता है कि अगर जिले के जिलाधिकारी ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं करेंगे तो फिर जनता किसके पास जाएगी।
