Fatehpur News: कानपुर-बिंदकी की इलेक्ट्रिक बस सेवा बंद, यात्री हो रहे परेशान
कानपुर-बिंदकी की इलेक्ट्रिक बस सेवा बंद।
कानपुर-बिंदकी की इलेक्ट्रिक बस सेवा बंद। 20 दिनों से बंद चल रहीं सेवाओं से लोगों में खासी नाराजगी है।
फतेहपुर, अमृत विचार। कानपुर से बिंदकी तक सस्ते किराये में सफर कराने वाली इलेक्ट्रिक बसें बंद होने से जहां यात्री, व्यापारी व छात्र परेशान हो रहे हैं। वहीं लोगों को साधन के इंतजार में घंटों जूझना पड़ता है। एक साल पहले इन बसों के संचालित होने पर लोगों में आस जगी थीं कि कानपुर-बिंदकी का आवागमन सुगम होगा। वहीं सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में कारोबार भी बढ़ेगा।
यात्रियों के सहूलियत के लिए कानपुर-बिंदकी मार्ग में 16 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया था। जिनके चलने पर लोगों ने राहत की सांस ली थी और सस्ते किराये में यात्रा भी सुगम थी। पिछले 20 दिनों से रोडवेज बस स्टाप बिंदकी में साधन में इंतजार में यात्रियों को घंटो राह ताकनी पड़ रही है।
इलेक्ट्रिक बस के एक चालक ने नाम नहीं छापने की शर्त में बताया कि 16 व 17 दिसंबर को कानपुर-बिंदकी को चलने वाली सभी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद कर अयोध्या भेजी गई थी। जिन्हे दोबारा संचालित नहीं किया जा सका। इसी तरह जहानाबाद-कानपुर को चलने वाली बसों को भी बंद कर दिया गया है। जिससे बिंदकी व जहानाबाद विधान सभा के बाशिंदे समस्या से जूझ रहे हैं।
क्या बोले यात्री……….
वतानुकुलित, आरामदायक सीटें, बस के भीतर भी ध्वनि प्रदूषण न होने के बराबर, शांत वातावरण, ऐसी बस में भला कौन सफर नहीं करना चाहेगा। बसों का संचालन कराना जाना चाहिए।- पंकज कुमार,पप्पू एडवोकेट
इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने के लिए सभी इंतजार में रहते हैं। रोडवेज बस स्टाप बिंदकी में कुछ समय के लिए बस नहीं होने पर या़त्री इलेक्ट्रिक बस सुगम होने से इंजतार करते हैं। कानपुर-बिंदकी का किराया रोडवेज बस में 92 रूपये जबकि इलेक्ट्रिक बस 69 रूपये प्रति यात्री किराया है।-अखिलेश शुक्ला, एडवोकेट
बिंदकी व जहानाबाद क्षेत्रवासियों की सुविधाओं के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलवाई गई थीं। जिन्हे बंद कर दिया गया। बीस दिनों से लोग समस्या से जूझ रहे हैं। इनके संचालन बंद होने की जानकारी बस स्टाप पर विभाग के जिम्मेदार भी नहीं दे पा रहे हैं। अब लोगों को दोबारा सुविधा मिल पाएगी या नहीं संशय बना हुआ है।- सरवन कुमार
इलेक्ट्रिक बसों के बंद होने से नगरवासी, क्षेत्रवासी, व्यापारी व छात्र सभी जूझ रहे हैं। इन बसों के चलाये जाने से जहां यात्रा सुगम हो गई थी वहीं कारोबार में भी इजाफा देखने को मिल रहा था। बसों के बंद होने के बाद से अब हालात ऐसे पैदा हो गए हैं कि घंटो साधन के आभाव में अपने गन्तव्य को सुरक्षित पहुंचने का खतरा पैदा हो गया।- कृष्ण कुमार गोस्वामी
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