Weather Forecast Kanpur: बारिश ने और बढ़ाई ठिठुरन... बाजारों में छाया सन्नाटा, मौसम विभाग ने जताई ये संभावना
कानपुर में बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया।
कानपुर में बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। बारिश होने से ठंड भी बढ़ गई। इसके साथ ही बाजारों में भी सन्नाटा छाया हुआ है।
कानपुर, अमृत विचार। शहर के मौसम ने रविवार को अचानक पलटी मार दी। सर्दी के सितम से शहरवासी उबर ही रहे थे कि 11 दिन बाद दोबारा मौसम बदल गया। दिन में दो बार बूंदाबादी हुई तो शाम से लेकर सोमवार सुबह तक बारिश ने शहर को भिगो दिया। बाजारों में सन्नाटा रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने 6 तक बारिश होने की संभावना जताई है। बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के बनने से मौसम में बदलाव हुआ है।
शहर में सुबह से ही बारिश ने तेवर दिखाया। बौछार के साथ दिन की शुरुआत हुई। इसे बाद दोपहर को शहर के कुछ इलाकों में बूंदाबादी हुई। देर शाम को तेज बारिश की वजह से शहरवासियों को परेशानी उठानी पहड़ी। छुट्टी होने के चलते लोग घूमने निकले। इस बीच बारिश ने लोगों के प्लान में खलल डाल दिया। कई जगहों पर खुदाई होने से सड़क पर बिखरी मिट्टी से वाहन सवार फिसले।
रविवार को खुलने वाली बाजार जैसे पीरोड, गुमटी, ग्वालटोली व गोविंद नगर जैसी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश ने ग्रीन पार्क में चल रहे मैच में भी खलल डाला। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पाण्डेय ने बताया कि 6 फरवरी तक बारिश की लगातार संभावना है। इस बीच तेज व मध्यम बारिश हो सकती है।
न्यूनतम पारा 12 डिग्री
सीएसए विवि के मौसम विभाग के अनुसार रविवार को शहर का न्यूनतम पारा 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह अधिकतम पारा 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया।
यह भी रखें ख्याल
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. एसके गौतम ने बताया कि सर्दी के मौसम के बीच बारिश होने पर सबसे अधिक दिक्कत अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या फिर निमोनिया जैसी बीमारियों के शिकार लोगों को होती है। हवा में शुष्क और ठंडक के कारण श्वसन तंत्र की समस्याओं के शुरू होने का भी खतरा हो सकता है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भीगना नहीं चाहिए। यदि भीग गए हैं तो बहुत अधिक देर तक गीले कपड़ों में नहीं रहना चाहिए। इससे सर्दी लगने की आशंका बढ़ जाती है।
ये भी पढ़ें- Kanpur News: पराली को खेतों में मिलाएं, उर्वरा शक्ति बढ़ाएं... CSA विवि ने किसानों को दिया प्रशिक्षण
