बदायूं: जिले में चार साल से एक ही प्रस्ताव को बजट में बार-बार मिल रही मंजूरी 

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कासगंज, अमृत विचार: प्रदेश सरकार का बजट आ गया है। वैसे तो बजट में जिले के लिए कुछ खास नहीं है, लेकिन पिछले 4 सालों से बजट में मंजूरी पा चुका मेडिकल कॉलेज एक बार फिर निर्माण की उम्मीद देख रहा है। इस बजट में भी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर कासगंज में मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित किया गया है।

सेहत के लिए जिले में कोई सौगात खास नहीं मिली। यहां पहले से ही चिकित्सकों का अभाव है। चिकित्सा संसाधन बेहतर नहीं है। इधर 4 साल पहले मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिली थी। जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए कलेक्ट्रेट के समीप जमीन चिन्हित की और प्रस्ताव शासन को भेज दिया, लेकिन शासन से पहले तो प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और फिर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण को जब हरी झंडी दी गई तो पार्टनर नहीं मिला। 

284 करोड़ की लागत से प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण में रोड़ा बना हुआ है। अब सोमवार को आए बजट में फिर से उत्तर प्रदेश के 16 असेवित जिलों के मेडिकल कॉलेज के निर्माण में कासगंज को भी शामिल किया गया है।

डायलिसिस यूनिट की व्यवस्था बेहतर 
जिले में वैसे तो स्वास्थ्य संसाधन  खराब है, लेकिन डायलिसिस यूनिट की व्यवस्था बेहतर है। अब बजट में डायलिसिस यूनिट को बेहतर बनाने का प्रावधान किया गया है तो यहां डायलिसिस कराने वाले रोगियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें राहत मिलेगी।

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