Video : ताजमहल में एक तरफ शाहजहां का उर्स, दूसरी ओर जलाभिषेक कर हुआ शिव चालीसा का पाठ
रंजीत गुप्ता/ आगरा, अमृत विचार। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ हिंदुत्ववादी ताज को तेजो महालय कहते हैं। तो दूसरी ओर समुदाय विशेष हर साल ताजमहल पर मुगल बादशाह शाहजहां का उर्स मनाता है। मंगलवार को शुरू हुए शाहजहां उर्स का विरोध अखिल भारत हिंदू महासभा ने किया है। हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल के पार्श्व में जाकर जलाभिषेक करके शिव चालीसा पाठ किया। प्रदर्शकारियों का कहना था कि जब ताजमहल पर किसी तरह का धार्मिक आयोजन पर रोक लगी है तो यहां शाहजहां का उर्स किसकी अनुमति से कराया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में हिंदू महासभा ने आगरा की अदालत में शाहजहां उर्स को रोकने के लिए वाद भी दायर किया है। जिसकी सुनवाई 4 मार्च को होनी है।
मुगल बादशाह शाहजहां का मंगलवार को 369 वां उर्स ताजमहल पर मनाया जा रहा है। उर्स के मौके पर 3 दिन ताजमहल में एएसआई एंट्री फ्री करता है। इस मौके पर मुख्य मकबरे के नीचे बने तहखाने को खोला जाता है। तहखाने में रखीं शाहजहां और मुमताज की असली कब्रें दिखाई जाती हैं। मंगलवार को पहले दिन गुस्ल की रस्म के साथ शाहजहां उर्स की शुरुआत हुई। इधर हिंदुत्ववादी संगठन अखिल भारत हिन्दू महासभा ने इसका विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधा दर्जन हिंदुत्ववादी संगठन के पदाधिकारी ताजमहल के पार्श्व मेहताब बाग पहुंच गए। उन्होंने शिव के चित्र के आगे जलाभिषेक कर शिव चालीसा का पाठ किया।
साधु संतों पर रोक, अकीतमंदो फ्री प्रवेश
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट का कहना है कि ताजमहल में धार्मिक आयोजन पर रोक होने के बावजूद समुदाय विशेष के लोगों उर्स मानने से क्यों नहीं रोका जाता है। जबकि हमारे साधु संतों को रोका जाता है। भगवान की प्रतिमा को अंदर प्रवेश नहीं देते हैं जबकि शाहजहां के उर्स पर अकीतमंद ताजमहल में नमाज अदा करते हैं। ये भेदभाव भारत में हिंदुओं के साथ किया जा रहा है। मंडल अध्यक्ष मीना दिवाकर का कहना है कि हजारों लोगों को ताजमहल में भेजकर जिले में लागू धारा 144 का उल्लंघन किया जा रहा है। जिला प्रशासन से उर्स कमेटी पर मुकदमा दर्ज करवाने की मांग करते हैं।
4 मार्च को होगी सुनवाई
ताजमहल में होने वाले शाहजहां उर्स को रोकने के लिए अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से आगरा के जूनियर डिवीजन कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। जिस पर उन्होंने आरटीआई का हवाला दिया है। एएसआई से मिले आरटीआई के जवाब में कहा है कि ताजमहल में होने वाले उर्स की अनुमति ना तो एएसआई और ना ही सरकार की ओर से दी गई है। इस याचिका पर 4 मार्च को सुनवाई की जाएगी।
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— Amrit Vichar (@AmritVichar) February 6, 2024
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