अंबेडकरनगर: सीएचसी में जलभराव और साफ-सफाई व्यवस्था पर बिफरे डीएम, मांगा जवाब
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलापुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर का किया औचक निरीक्षण, परखी जमीनी हकीकत
आलापुर/अंबेडकरनगर, अमृत विचार। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तहसील आलापुर अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलापुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलापुर में एक्स-रे रूम, मेडिसिन कक्ष, ओपीडी कक्ष, ओपीडी रजिस्टर, डिलीवरी कक्ष का जायजा लिया। मौके पर 36 ओपीडी मरीज का रजिस्ट्रेशन हुआ था और पांच मरीज का एक्सरे हुआ था। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं पाएगी।
जिलाधिकारी ने अव्यवस्थाओं पर जिम्मेदारों से जवाब तलब कर व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी को देखते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी जो जिस स्थिति में था वह व्यवस्थाएं सहेजने में जुट गया। सीएचसी आलापुर परिसर में जलजमाव और सफाई व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने अधीक्षक डॉ. आशीष राय को सभी व्यवस्थाओं को ठीक करने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर में खराब पड़ी एंबुलेंस को तुरंत हटवाने और चिकित्सकों और अन्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग काउंटर बनाने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने हर जरूरी दवाओं की उपलब्धता की जानकारी करते हुए मरीजों को दवाएं अस्पताल पर ही मिल सकें यह सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य रामनगर में डिलीवरी कक्ष, लेबर कक्ष, मेडिसिन कक्ष, ओपीडी, लैब कक्ष, स्टोर रूम का जायजा लिया। मौके पर 77 ओपीडी मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया पाया गया और 23 मरीजों की जांच की गई थी। जिलाधिकारी ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं से दवा की जानकारी हासिल किया। गर्भवती महिलाओं ने सकारात्मक उत्तर देते हुए कहा कि हम लोग को दवा नि:शुल्क मिलती है।
मरीजों से करें अच्छा व्यवहार : जिलाधिकारी ने स्टोर रूम को हटाकर किसी दूसरे जगह करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ती के बारे में जानकारी लिया और एमओआईसी को निर्देशित किया गया कि आशा बहुओं को मोटिवेट करते हुए आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड अधिक से अधिक बनवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और जो भी मरीज चिकित्सालय में आए उनसे अच्छा व्यवहार किया जाए और उन्हें निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराएं।
