KGMU : स्वस्थ भारत का सपना साकार कर रहे डॉक्टर, ICU में भर्ती मरीजों के इलाज में प्रिसिजन मेडिसिन का इस्तेमाल कर बचायेंगे जान

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Edited By Amrit Vichar
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CCM के हेड प्रो. अविनाश अग्रवाल और उनकी टीम ने इलाज के नए आयाम गढ़ने का खींचा खाका

लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में एक और विधा जुड़ने जा रही है। केजीएमयू के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीजों का इलाज प्रिसिजन मेडिसिन की मदद से किया जायेगा। इसमें एआई यानी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भी मदद ली जायेगी। जिससे गंभीर मरीजों को कम समय में सटीक इलाज मिलेगा। इसकी शुरूआत जल्द ही की जायेगी, लेकिन इससे पहले क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने चिकित्सा के क्षेत्र में नया आयाम गढ़ने का खाका भी खींचा है। जिससे आने वाले समय में इसका फायदा अन्य चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए आये मरीजों को भी मिल सकेगा। इसके लिए तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस कराने का फैसला लिया गया है। इस कॉन्फ्रेंस में देश विदेश से आये करीब 550 विशेषज्ञ डॉक्टरों के शामिल होने की बात बताई जा रही है। जिसमें इंटेंसिव केयर युनिट में भर्ती मरीजों में प्रिसिजन मेडिसिन की मदद से इलाज करने की जानकारी विशेषज्ञ साझा करेंगे। 

मंगलवार को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर स्थित क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अविनाश अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि 7 फरवरी से तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रिसिजन मेडिसिन और इंटेंसिव केयर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश विदेश के डॉक्टर हिस्सा लेंगे। जो आईसीयू में प्रिसिजन मेडिसिन आधारित इलाज देने की जानकारी साझा करेंगे। जिससे आने वाले पांच सालों में सभी आईसीयू में प्रिसिजन मेडिसिन आधारित इलाज देने की राह आसान होगी।

मरीज की डाइग्नोसिस और बेहतर इलाज में मिलेगी मदद

प्रो. अविनाश अग्रवाल ने बताया कि हर तरह के मरीजों को एक ही जगह पर इलाज मिलेगा, अलग-अलग विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा इसमें एआई, बिग डाटा समेत अन्य विधा को भी शामिल किया जायेगा। जिससे मरीज की जांच, लक्षण समेत अन्य पैरामीटर और पुराने डाटा को एआई की मदद से देखा जायेगा। जिससे मरीज को क्या बीमारी होने वाली है। यह भी पता चल सकेगा। इतना ही नहीं मरीज को कौन सी दवा देनी,किस दवा से उसे नुकसान होगा। इस बात की जानकारी भी आसानी से की जा सकेगी।

निशुल्क सुविधा देनी की तैयारी

क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग ने प्रिसिजन मेडिसिन आधारित इलाज आईसीयू में देने की तैयारी करने के साथ इस बात का भी ध्यान रखा है कि इसका भार मरीजों पर न पड़े। जिसके लिए निशुल्क सुविधा पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए विभाग अपने स्तर पर फंड की व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है। इस बात की जानकारी प्रो.अविनाश अग्रवाल ने दी है। इस दौरान उन्होंने प्रिसिजन मेडिसिन के बारे में बताया हर मरीज की अपनी अलग समस्या होती है। जरूरी नहीं जो इलाज एक शख्स पर कारगर साबित हो रहा है, वह दूसरे पर कारगर हो। प्रिसिजन मेडिसिन चिकित्सा विज्ञान की वह विधा है जिसके तहत मरीज की आवश्यक्ता अनुसार इलाज किया जाता है। अभी तक कैंसर के मरीजों में प्रिसिजन मेडिसिन का इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन पहली बार आईसीयू में भी प्रिसिजन मेडिसिन आधारित इलाज मरीजों को दिया जायेगा।

क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के डॉ. शान्तनू ने बताया कि आईसीयू में भर्ती मरीज की तीन दिन बाद आने वाली जांच महज कुछ घंटों में मिल जाया करेंगी। साथ ही मरीज के लिए कौन सी दवा सही है। इसकी भी जानकारी हो सकेगी। यहां पर डीएनए आधारित जांच होगी। इस अवसर पर डॉ. साई सरन, डॉ. शौमित्र मिश्रा, डॉ. सुहैल सरवर सिद्दीकी उपस्थित रहे।

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