Mauni Amavasya: संगम में उमड़ा जनसैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई अस्था की डुबकी, सरकार ने हेलीकॉप्टर से कराई पुष्प वर्षा
नैनी/प्रयागराज। संगम नगरी में शुक्रवार भी मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती में लाखों श्रृद्धालुओं ने अस्था की डुबकी लगाई। भोर से ही माघ मेले में दूर दराज से आने वाले श्रृद्धालुओं का रेला संगम नोज और अरैल घाट पर पहुंचता रहा। हांड कंपाने वाली ठंड भी लोगों की अस्था के आगे नहीं टिक सकी। श्रृद्धालुओं ने संगम स्नान के बाद दान-पुण्य अर्जित कर परिवार की मंगल कामना की।
Mauni Amavasya: संगम में उमड़ा जन सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई अस्था की डुबकी, मुस्तैद रही पुलिस pic.twitter.com/YbKUUlOByD
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माघ माह के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर्व पर बड़ी संख्या में गंगा एवं संगम स्नान के लिए श्रृद्धालु संगम और अरैल घाट पहुंचे। भोर से ही स्नानार्थियों का पवित्र नदी गंगा में डुबकी लगाने का क्रम प्रारंभ हो गया था। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजन किया। मेले में करीब डेढ़ करोड़ श्रृद्धालुओं ने स्नान किया। घाट किनारे पुरोहितों से माथे पर चंदन लगवाया। साथ ही पुरोहितों को सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा भी दिया। मेला क्षेत्र में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए थे। मेला से दूर वाहनों को रोक दिया जा रहा था।
प्रयागराज
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संगम नगरी में पधारे श्रद्धालु साधु पर पुष्प वर्षा
योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कराई पुष्प वर्षा
मौनी अमावस्या के पर्व पर कराई गई पुष्प वर्षा
संगम में आए श्रद्धालुओं ने सीएम का जताया आभार। pic.twitter.com/HgFbTI0VhO
हालांकि दुपहिया वाहनों के लिए अलग अलग रास्तों का रूट डायवर्जन बनाया गया था। प्रेड से हनुमान मंदिर के पहले ही पार्किंग की व्यवस्था की गयी थी। इसके अलावा संगम में वाहनो के प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। वहीं नैनी में सोमेश्वर घाट के समीप बांध रोड के नीचे पार्किंग दिया गया था। मेले में पुलिस के जवानों के साथ, आर ए एफ, कमांडो, ख़ुफ़िया एजेंसी, ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरे से मेले की निगरानी की गयी। विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ), अपराध निरोधक समिति के स्वयंसेवी भी प्रशासन एवं श्रद्धालुओं के सहयोग के तत्पर रहे।
मेला प्राधिकरण ने विशेष इंतजाम
माघ मेले 2024 के तृतीय एवं मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों की लंबाई 6800 रनिंग फिट से बढ़ाकर लगभग 8000 रनिंग फिट कर दी गई। मेले में कुल 12 घाट बनाए गए। सभी घाटों पर पर्याप्त मात्रा में चेंजिंग रूम एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई। मेले में 1800 से 6000 शौचायलयों की गई। संस्थागत शौचालय 12000 बनाये गये।
राजीव नारायण मिश्र, डीआईजी माघ मेला प्रयागराज
माघ मेले के तीसरे स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर भोर से ही स्नान शुरु हो गया। अब तक लाखों श्रृद्धालुओ ने संगम में डुबकी लगाई है। मेले में कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई है। चप्पे चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा कड़ा लगाया गया है।
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