Kanpur: शहर में पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए होगा सर्वे; हैरिटेज होटल में परिवर्तित होंगे विरासत भवन...

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Shukla
On

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर जिले का इतिहास गौरवशाली और ऐतिहासिक रहा है। इसलिए यहां पर हर साल पर्यटक घूमने आते हैं और यहां की खूबसूरती, इतिहास व धरोहर को निहारते हैं। वर्ष 2024 में कानपुर में अधिक से अधिक पर्यटक आ सकें, इसके लिए पयर्टक विभाग ने तैयारी शुरू की है। शहर के विरासत महत्व के भवनों को विभाग द्वारा हैरिटेज होटल में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए विभाग शहर में जल्द सर्वे शुरू करेगा। 

शहर के पर्यटन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पर्यटन उद्योग को प्रकृति, अध्यात्म संगीत व लोक कला से जोड़ने के लिए पर्यटक विभाग द्वारा योजना बनाई है। जिसमें विरासत महत्व के भवनों को हैरिटेज होटल में परिवर्तित किए जाने पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके तहत 1950 से पूर्व निर्मित कुछ भवनों को हैरिटेज होटल में परिवर्तित करने को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए विभाग जल्द सर्वे शुरू करेगा। 

वहीं, स्वदेशी कला, संस्कृति, संगीत, हस्त कला, लोक नृत्य, प्राय विद्या व कला लोकनृत्य की विभिन्न विधाओं को पुनर्जीवित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। पर्यटन अधिकारी अर्जिता ओझा के मुताबिक टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित कर अतिथि सत्कार, सेवा व सहायता प्रबंधन सीखने के लिए मान्यता प्राप्त संस्थाओं को अनुदान, सहयोग व छूट दी जाएगी। 

पर्यटन के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड के रूप में वह तैयार हो सकें। इसके साथ ही साहसिक पर्यटन, जल क्रीड़ा व जल मार्ग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर क्रूज टूरिज्म यूनिट भी स्थापित की जाएगी जिसके लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुका है। साहसिक क्रीड़ा को बढ़ावा देने के लिए एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्ट प्राप्त करने का भी कार्य किया जाएगा। 

पर्यटन विभाग के लिए कौन हैं पर्यटक 

स्वदेशी पर्यटक : वह व्यक्ति जो अपने निवास स्थान के अलावा देश के किसी अन्य स्थान की यात्रा करते हैं और होटल या आवासीय स्थापनाओं, धर्मशालाओं, सरायों व मुसाफिर खानों में कम से कम 24 घंटे रुकते हैं। इसके अलावा अधिकतम 12 महीने के लिए या फिर तीर्थाटन या धार्मिक और सामाजिक समारोह, बैठक या फिर स्वास्थ्य के उद्देश्य से प्रवास करते हैं, उनको स्वदेशी पर्यटक बोलते हैं। 

विदेशी पर्यटक : भारत की यात्रा पर विदेशी पासपोर्ट लेकर आने वाला कोई भी व्यक्ति, जो देश में घूमने, अवकाश, स्वास्थ्य, अध्ययन, धर्म, खेल के लिए चौबीस घंटे या अधिक समय तक ठहरता है, उनको विदेशी पर्यटक कहते हैं।

यह भी पढ़ें- Kanpur: कैंट में कुत्तों का आतंक: आम राहगीरों और सेना के जवानों को बना रहे निशाना; नगर निगम से मांगी गई मदद...

संबंधित समाचार