Uttrakhand: हाथियों को भगाने के लिए वन कर्मियों संग ग्रामीणों ने किया रतजगा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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कालाढूंगी, अमृत विचार। कालाढूंगी रेंज में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार देर शाम दो टस्कर हाथियों के आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ रात भर पहरेदारी कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।

बताया जा रहा है कि शनिवार शाम करीब सात बजे कालाढूंगी बंदोबस्ती क्षेत्र में दो टस्कर हाथियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर के साइलेंसर निकालकर और लाइट की मदद से हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी टस से मस नहीं हुए। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हवाई फायर और पटाखों की मदद से हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया। भय के माहौल के बीच ग्रामीणों ने भी वन कर्मियों के साथ पूरी रात पहरा दिया। देर रात करीब दो बजे हाथियों को जंगल की ओर भगाने में सफलता मिली, जिसके बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली।

गौरतलब है कि शुक्रवार को कालाढूंगी बंदोबस्ती निवासी भूपेंद्र सिंह बिष्ट पर हाथी ने हमला कर दिया था, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना मिलते ही कर्मचारी शाम सात बजे मौके पर पहुंच गए थे और रात दो बजे तक लगातार प्रयास कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया। वहीं जिपंस पति व सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ध्रुव मर्तोलिया और ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सोलर फेंसिंग और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है।

 

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