पीलीभीत: वार्ड ब्यॉय फरमा रहे आराम, तीमारदार खींच रहे मरीजों का स्ट्रेचर  

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Edited By Amrit Vichar
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फोटो- गंगाराम।

पीलीभीत, अमृत विचार: मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के बाहर सड़क पर प्रसव कराने के मामले में हुई किरकिरी के बाद भी व्यवस्थाओं में बदहाल बनी हुई है। जिनको सुधारने के लिए अफसरों की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। नवजात  की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि अस्पताल की लिफ्ट खराब है। 

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फोटो- प्रवेश देवी।

तैनात वार्ड ब्वॉय अपनी जिम्मेदारी को सही से नहीं निभा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों और घायलों को संबंधित कक्ष से लाने और ले जाने के लिए तीमारदारों को ही स्ट्रेचर खींचना पड़ता है। कहने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं। अमृत विचार की टीम ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज के पुरुष और महिला विंग में भर्ती मरीज और आने वाले मरीजों की पड़ताल की तो व्यवस्थाएं बेपटरी मिली। 

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फोटो- विदेशीराम

वार्ड ब्यॉय नहीं बल्कि तीमारदार स्ट्रेचर पर मरीजों को खींचते हुए दिखाई दिए।  एमसीएच विंग में संचालित महिला अस्पताल सालों से मरीजों की सुविधा के लिए लगी लिफ्ट खराब पड़ी है। जिस कारण गर्भवती महिलाओं के परिवार वालों को चार मंजिल तक मरीजों को ले जाने के लिए खुद ही व्हीलचेयर खींचना पड़ रही है। कहने को तो वार्ड ब्यॉय कार्यरत है। 

मगर वह दिखाई नहीं देते। बीसलपुर के गांव जसोली दिवाली की रहने वाली प्रवेश देवी पत्नी मुकेश कुमार का पांच दिन पहले ऑपरेशन किया था। जिसके बाद उन्हें वार्ड में शिफ़्ट कर दिया। जांच करने के लिए उन्हें भूतल पर लेकर आना था। मगर वार्ड ब्यॉय और लिफ़्ट खराब होने की वजह से पति को ही व्हील चेयर खींचना पड़ रहा था। इसी तरह दिन भर न जाने के कई तीमारदार इस हाल में देखने को मिले।

इमरजेंसी भी बदहाल, तीमारदार ही बन रहे मददगार
- मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड में भी सुधार नहीं दिखा। न्यूरिया थाना क्षेत्र के टाह गांव निवासी 80 वर्षीय विदेशीराम लंबे अरसे बीमार चल रहे थे।  वह पैर से चल नहीं पा रहे थे। इस पर वह दिखाने के लिए पहुंचे थे। मगर पैर खराब होने के कारण उन्हें व्हीलचेयर की आवश्यकता पड़ी। उनके परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ से व्हीलचेयर लेकर आने के लिए कहा तो आरोप है कि स्टाफ ने उन्हें व्हीलचेयर थमाकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। फिर खुद ही डॉक्टर के चैंबर से लेकर सीटी स्कैन रुम तक परिजन लेकर गए।

पट्टी कराने को परिवार वालों ने खींचा स्ट्रेचर
दियोरिया कला क्षेत्र के गांव पैनिया हिम्मतनगर निवासी गंगाराम अपने खेत में लगे लोहे के तार पर फिसलकर गिर गए थे। जिस वजह से उनकी जांघ की खाल कट गई। जिसका इलाज करने के लिए वह पुरुष इकाई में पहुंचे थे। उनके साथ में परिवार वाले भी मौजूद थे। पहले परिवार वालों ने पर्चा बनवाया। जिसके बाद मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर मांगा। मगर स्टाफ ने आनसुना कर दिया। इसके बाद किसी तरह स्ट्रेचर की व्यवस्था करने के बाद वह उसे स्वयं ही खींचकर डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे।

एमसीएच विंग में लगी लिफ्ट को ठीक कराने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा है। साइन बोर्ड भी लगवाए जा रहे हैं। ताकि मरीजों को दिक्कत न हो। समस्त वार्ड ब्यॉय को निर्देश दिए गए हैं कि वह मरीजों का ध्यान रखें। अगर कोई तीमारदार स्ट्रेचर खींचता हुआ मिला तो कार्रवाई की जाएगी--- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।

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