अमेरिका के बायर्स ने मुरादाबादी निर्यातकों के रोक दिए करोड़ों के पेमेंट

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। निर्यातकों का संकट पीछा नहीं छोड़ रही है। लगातार उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। किसी तरह स्थिति सामान्य करने में जुटे निर्यातकों को अब एक और बड़ी टेंशन मिल गई है। यह टेंशन अमेरिका के बड़े बायर्स ने उनको दे दी है। करीब आधा दर्जन मुरादाबादी निर्यातकों का करोड़ों का पेमेंट …

मुरादाबाद, अमृत विचार। निर्यातकों का संकट पीछा नहीं छोड़ रही है। लगातार उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। किसी तरह स्थिति सामान्य करने में जुटे निर्यातकों को अब एक और बड़ी टेंशन मिल गई है। यह टेंशन अमेरिका के बड़े बायर्स ने उनको दे दी है। करीब आधा दर्जन मुरादाबादी निर्यातकों का करोड़ों का पेमेंट ही अमेरिका के बायर्स ने रोक दिए हैं। अब पेमेंट वक्त पर नहीं आता है तो निर्यातकों को मिलने वाला इनसेंटिव भी इस बेरुखी की भेंट चढ़ जाएगा।

देश पर कोरोना की मार से मुरादाबादी भी लगातार जख्मी हो रहे हैं। निर्यात साठ फीसदी से भी नीचे आ गया है। जो माल किसी तरह निर्यातकों ने बायर्स तक पहुंचा दिए, उनके पेमेंट फंसे हुए हैं। निर्यातक उस पेमेंट को लेकर बायर्स से संपर्क करते हैं तो उसमें भी काफी वक्त लग जाता है। सबसे बड़ी टेंशन अमेरिका के बायर्स ने उन्हें दे दी है। पीड़ित निर्यातक बताते हैं कि अमेरिका के दो बड़े बायर्स हैं, जिनका मुरादाबाद के करीब सौ निर्यातकों से कारोबार होता है।

काफी बड़े लेवल पर यह कारोबार होता है, और वे बायर्स भी काफी समय से पीतल नगरी से जुड़े हैं। लेकिन इस बार उन्होंने पेमेंट रोककर बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। मुरादाबाद के छह निर्यातक उनकी इस मनमानी से परेशान हैं, करीब सौ करोड़ का बिल उन्होंने अब तक पास नहीं किया है। अब यदि इस साल पेमेंट नहीं आता है तो सरकार की ओर से मिलने वाला इनसेंटिव भी इसकी भेंट चढ़ जाएगा। बायर्स से इस मामले में संपर्क भी काफी मुश्किल हो गया है।

इनसेंटिव को लेकर समय बढ़ाने की उठी मांग
कोरोना काल में पेमेंट फंसने के मामले में कई निर्यातक बेचैन हैं। ऐसे में इनसेंटिव की तिथि दिसंबर से बढ़ाकर मार्च किए जाने की अपील भी गूंजने लगी है। निर्यातक केंद्र सरकार को पत्र लिख इस मांग को कर रहे हैं। दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि एमईआईएस की ओर से जो इनसेंटिव दिया जाना है, उसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। लेकिन यह समय काफी कम है और जिनका पेमेंट नहीं आ सकेगा, उनको इनसेंटिव का नुकसान होगा। इसलिए इसको बढ़ाकर 31 मार्च किए जाने की अपील की गई है।

ईमानदार निर्यातकों का भी फंसा आईजीएसटी रिफंड
आईजीएसटी घोटाले में जिन निर्यातकों ने फर्जीवाड़ा किया, उनका रिफंड तो फंसा हुआ ही है। साथ ही उन निर्यातकों को भी इसकी सजा झेलनी पड़ रही है, जो इस मामले में पूरी तरह साफ हैं। ऐसे निर्यातकों को जल्द रिफंड दिए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि कस्टम विभाग से अपील की जाएगी, कि जल्द रिफंड दिया जाए। जो निर्यातक इस घोटाले में नहीं हैं, उनको रेड जोन से बाहर कर उनकी इस समस्या को हल किया जाए।

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