लखीमपुर खीरीः कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई आरओ-एआरओ परीक्षा, 8933 परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
लखीमपुर खीरी, अमृत विचारः उप्र लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित
आरओ-एआरओ परीक्षा रविवार को जिले में 36 परीक्षा केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सकुशल संपन्न हुई। इस दौरान प्रथम पाली में 11416 एवं द्वितीय पाली में 11351 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
इस तरह दोनों पालियों में पंजीकृत 31700 परीक्षार्थियों के सापेक्ष कुल 22767 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, जबकि दोनों पालियों में 8933 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे हैं। परीक्षा को सकुशल बनाने के लिए एडीएम समेत 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे। वहीं 36 स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्रों पर मुस्तैद रहे। आयोग से भी समन्वयी पर्यवेक्षक परीक्षा की निरंतर निगरानी करते रहे।
शहर के राजकीय इंटर कालेज समेत कुल 36 परीक्षा केंद्रों पर पीसीएस-प्री परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक चली, तो दूसरी पाली ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक चली। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले प्रवेश दिया गया।
जनपद के 36 परीक्षा केंद्रों पर कुल पंजीकृत परीक्षार्थी 15850 के सापेक्ष पहली पाली में 11416 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जिससे 4434 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह से दूसरी पाली में 15850 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 11351 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जिससे 4499 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया। यह परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई।
एडीएम संजय कुमार सिंह ने दोनों पलियो की परीक्षा में भ्रमणसील रहकर परीक्षा केंद्रों आदर्श विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, गुरु नानक इंटर कॉलेज, डॉन बॉस्को स्कूल, जीआईसी, जीजीआईसी गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया।
उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा में आयोग के शत प्रतिशत निर्देशों के अनुपालन के निर्देश दिए। सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात उप जिला मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदारो ने भ्रमणसील रहकर अपने सेक्टर के परीक्षा केंद्रों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए पूरी परीक्षा को सकुशल संपन्न कराया।
ये भी पढ़ें - लखीमपुर खीरी: निघासन में करोड़ों की लागत से निर्मित पर्यटक सुविधा केंद्र महज शो-पीस बनकर रह गया
