लेखन के क्षेत्र में नई प्रतिभा बनकर उभरे अयोध्या के 'लक्ष्य', राष्ट्रपति से मिले आशीर्वाद को बताया बड़ी उपलब्धि!
नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट कर रामनगरी लौटे हैं टेकचंदानी, संगीत जगत में भी कर रहे हैं साधना
प्रधानमंत्री युवा लेखक योजना में भी हैं शामिल, 18 वर्ष की आयु में ही साहित्य के क्षितिज पर उड़ान
अयोध्या। लेखक और साहित्य के क्षेत्र में मात्र 18 वर्ष की आयु में ही उड़ान भरने वाले अयोध्या के लक्ष्य टेकचंदानी निरंतर नए पड़ाव को पार कर रहे हैं। हाल ही में नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर लौटे लक्ष्य बेहद आनंदित और ऊर्जा से भर हुए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति से मिले आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। खास बात यह है कि महज अल्प आयु में ही लक्ष्य प्रधानमंत्री युवा लेखक योजना में चयनित होकर सृजन की साधना कर रहे हैं।
लक्ष्य टेकचंदानी न केवल लेखन बल्कि एक प्रखर वक्ता और संगीत के क्षेत्र में भी दक्षता रखते हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी लक्ष्य तबला वादन और अभिनय में भी पारंगत हैं। कहते हैं पिता विश्व प्रकाश रुपन और मेंटर प्रो. रवि प्रकाश टेकचंदानी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के अधीन संचालित संत हंसराज कालेज में अध्ययनरत लक्ष्य टेकचंदानी प्रिसिंपल रमा के मार्गदर्शन में अपनी बहुमुखी प्रतिभा को निखार रहे हैं।
सोमवार को उनके पिता विश्व प्रकाश रुपन ने बताया कि मात्र अट्ठारह वर्ष में ही प्रधानमंत्री युवा लेखक योजना में आना, कठिन परीक्षण से गुजरना, शोध कर सिंध के सूरमाओं पर लिखना, एनबीटी द्वारा पुस्तक प्रकाशन में चयनित होना हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य द्वारा लिखी गई पुस्तक अमेजन पर उपलब्ध हैं। यह पुस्तक एनबीटी द्वारा देश विदेश में आयोजित हो रहे सभी बुक फेयर में एनबीटी के स्टॉल पर भी है।
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