Agra News: पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा शातिर वाहन चोरों का गैंग, एक के पैर में लगी गोली
आगरा, अमृत विचार। जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के बिचपुरी फाटक के पास देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। जिसे इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने एक तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थीं।
काफी कोशिश के बाद भी वाहन चोर पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। लगातार हो रही घटनाओं के खुलासे के लिए सर्विलांस नगर जोन, एसओजी नगर जोन और पुलिस की टीमें बदमाशों को पकड़ने के लिए लगाई गईं। एसओजी और सर्विलांस टीम ने पहले बदमाशों के पैटर्न को समझा। काफी दिन तक फॉलो करने के बाद सामने आया कि यह बदमाश अधिकतर यह लोग वीकेंड पर घटना करने निकलते थे और फिर किसी भी बंद घर को निशाना बनाते थे और उसके बाद पुलिस से बचते बचाते निकल जाते थे।
करीब दो महीनों तक हजारों सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। रविवार रात पुलिस को सूचना मिली कि शहर में लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन शातिर फिर से किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर एसओजी नगर जोन, सर्विलांस नगर जोन और जगदीशपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर बैरीगेटिंग कर चेकिंग शुरू कर दी।
इसी बीच पुलिस को संदिग्ध वैगनआर कार आती दिखाई दी। जिसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो पुलिस को देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घायल अभियुक्त नेत्रपाल पुत्र दरियाव सिंह निवासी मांगरोल जाट थाना अछनेरा और उसके साथी चीनू और विजय पाल को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और चोरी की वैगनआर कार बरामद की है। डीसीपी सूरज राय ने टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
2500 से 3000 कैमरे खंगालने के बाद मिले बदमाशों के सुराग
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया की चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिरों को पकड़ने के लिए पुलिस को कई दिनों तक कड़ी मशक्कत के बाद सफलता मिली। उन्होंने बताया कि आरोपी इतने शातिर हैं कि वह लोग सभी घटनाओं को अंजाम देने के लिए चोरी की गाड़ी का इस्तेमाल करते थे।
उनके पैटर्न के बारे में उन्होंने बताया कि पुलिस को पकड़ से बचने के लिए वह लोग अपने ठिकानों से निकलने से पहले ही फोन पर संपर्क किया करते थे और उसके बाद फोन बंद कर दिया करते थे। उसके बाद यह लोग अपने अछनेरा स्थित ठिकाने पर मिला करते थे, जहां से वह लोग चोरी की गई वैगनार गाड़ी से घटना को अंजाम देने के लिए निकलते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की वारदात करने का खास तरीका यह था कि यह लोग वारदात को अंजाम देने से पहले और वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 5 से 6 घंटे तक घूमा करते थे।
जिससे सीसीटीवी में विभिन्न स्थानों पर उनकी लोकेशन मिले और पुलिस उन पर शक न कर सके। डीसीपी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए सर्विलांस की टीम ने करीब दो महीनों तक 2500 से 3000 कैमरे खंगाले। इसके बाद कड़ी दर कड़ी जोड़कर पुलिस बदमाशों तक पहुंची। पकड़े वाली टीम में एसओजी नगर प्रभारी हरीश शर्मा, सर्विलांस नगर जोन प्रभारी अंकुर मलिक और जगदीशपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर ने संयुक्त रुप से गुडवर्क किया।
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