Bareilly News: डीपीआरओ 22 फरवरी को किया गया लखनऊ तलब, जानें पूरा मामला
ऑडिट में तत्कालीन प्रधान, सचिवों ने नहीं साैंपे थे बिल बाउचर, चेतावनी भी रही बेअसर
बरेली, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्याें की ऑडिट में लाखों के खर्च का हिसाब-किताब नहीं मिलने के मामले में डीपीआरओ को लखनऊ तलब किया गया है। वह ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के पूरे ब्योरे के साथ जाएंगे।
मामला वित्तीय वर्ष 2015-16 का है। ग्राम पंचायत कादरगंज, लीलोर बुजुर्ग, मझौआ, मल्हपुर सबराह, रतनपुर नौडांडी, गरीबपुर, करीमगंज, छितौनिया, भिलैया, अखा, विशनपुर गुलड़िया में ऑडिट के दौरान 68 लाख रुपये के खर्च का हिसाब टीम को नहीं दिया गया था। विकास कार्यों के नाम पर बजट खर्च तो कर लिया, मगर बाद में बिल बाउचर प्रस्तुत नहीं किए।
ऑडिट टीम ने तत्कालीन प्रधानों और पंचायत सचिवों को बार-बार अभिलेख प्रस्तुत करने का माैका दिया। जवाब नहीं देने पर पंचायत राज विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा गया। पंचायत राज विभाग की ओर से जवाब मांगने के बाद भी कोई संताेषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। वसूली की चेतावनी के बाद भी सरकारी धन ग्राम पंचायतों के खाते में जमा नहीं किया गया है। इसी को लेकर 22 फरवरी को विधान सभा की समिति ने डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार को तलब किया है।
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