प्रयागराज: ओलावृष्टि से किसान दुखी, झड़ गए नींबू के फूल, आम-सरसों-चना और मटर की फसल को हुआ भारी नुकसान

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जारी, नैनी, प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनापार इलाके में गुरुवार को हुई बारिश और तूफान के साथ मध्यम ओला वृष्टि से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। जहां गेहूं की तीसरी सिंचाई हो गई वहीं फूल रहे चने, मटर और नींबू जैसी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इस बार नींबू की खेती कर रहे किसानों में काफी खुशी थी कि फूल इस बार खूब आया था। लेकिन फरवरी महीने में गुरुवार को हुई इस ओलावृष्टि ने सब कुछ चौपट कर दिया। नीबू के सारे फूल जमीन में गिर गए।

वहीं ओले की चोट से चने की फलियां बिना दाने की ही टूट कर खेतों में बिछ गई। मटर के फूल भी चोटहिल हो गए। आशंका है कि ज्यादातर मटर ओला की चोट से सूख जाएगी। अगेती सब्जियों में लौकी, तरोई ,कद्दू और करेले की नई पौध ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई है। आम के अगेती फूलों पर भी इस मौसम का असर पड़ा है। सरसों पूरी तरह से जमीन में लोट गई है।

वहीं जहां ओलावृष्टि नही हुई है वहां बारिश से फूल की खेती को फायदा ही होगा। किसान राजकुमार पटेल अतरसुइया के अनुसार इस साल सरसों की फसल बहुत ही अच्छी थी, लेकिन ओलावृष्टि से पूरी तरह नष्ट हो गई। लगभग तैयार फसल बीच तने से टूट गई। बड़हा के अमरनाथ जायसवाल के अनुसार चना और अलसी की खेती पूरी तरह नष्ट हो गयी।

जारी के महराज कुशवाहा के अनुसार सब्जियों में नेनुआं, करैला, लौकी की खेती मौसम की मार नहीं झेल पाई। राकेश मौर्य ने बताया कि नेबू  के फूल, आए तूफान और ओलावृष्टि के बाद सिर्फ बीस फीसदी ही बचे हैं।

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