Kanpur: बीपी बढ़ने का पता नहीं चलने से बढ़ रहा हार्ट अटैक... बुखार के साथ इन मरीजों का भी बढ़ रहा ब्लड प्रेशर
कानपुर के हैलट अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी
कानपुर, अमृत विचार। अनियमित जीवनशैली, बिगड़े खानपान और तनाव से ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण लोगों की नसों में खून का थक्का जम रहा है। अचानक हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामलों के पीछे यही कारण है।
हैलट अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंचने वाले तमाम मरीजों का ब्लड प्रेशर जांच में समान्य से अधिक मिल रहा है, तो कार्डियोलॉजी संस्थान की ओपीडी में हार्ट अटैक के अधिकांश ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनको पहली बार पता चला कि ब्लड प्रेशर अधिक होने से उनकी तबीयत बिगड़ी है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो.ब्रजेश कुमार ने बताया कि बुधवार को ओपीडी में करीब 200 मरीज इलाज कराने आए, इनमें 60 फीसदी का ब्लड प्रेशर बढ़ा था। ये मरीज सांस की तकलीफ, बुखार, खांसी-जुकाम का इलाज कराने आए थे।
उधर, कार्डियोलॉजी में भी हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अत्यधिक चिंता या तनाव के अलावा शरीर में सोडियम और पोटेशियम की कमी से भी हाइपरटेंशन की समस्या होती है। इससे हार्ट अटैक व स्ट्रोक जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में आ रहे हार्ट अटैक के ज्यादातर रोगियों को पहली बार हाई ब्लडप्रेशर डायग्नोस हो रहा है।
ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ने पर मरीज लक्षण समझ नहीं पाता है। इस वजह से अचानक हार्ट या ब्रेन अटैक के केस बढ़े हैं। धमनियां सिकुड़ जाने से अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ऐसे में क्षमता से अधिक काम करने पर दिल पर तनाव और बढ़ जाता है।- प्रो. राकेश वर्मा, निदेशक, कार्डियोलॉजी संस्थान
