Chitrakoot: इतना बड़ा हादसा, मगर किसी पर कार्रवाई नहीं; बारूदी विस्फोट के बाद सामने आई सिर्फ जांच की बातें...

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। चार मासूमों की मौत के चौबीस घंटे बीतने के बाद भी जिम्मेदारी तय करने के नाम पर जांच के आश्वासन के अलावा परिजनों को कुछ नहीं मिला। पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं पर किसी का न तो निलंबन हुआ और न कोई ठोस कार्रवाई ही नजर आई।  

बुंदेलखंड गौरव महोत्सव कार्यक्रम के दौरान हादसे में चार बच्चों की मौत को सीएम योगी आदित्य नाथ ने जिस गंभीरता से लिया और एडीजी को मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, ठोस कार्रवाई करने के आदेश-निर्देश के बाद बच्चों के परिजनों को आस बंधी थी कि उनको न्याय मिलेगा। पर अभी तक ऐसा होता नहीं दिख रहा। सदर कोतवाली में जरूर बीती रात आतिशबाजी कंपनी के संचालक व व्यवस्थापक समेत 15 के खिलाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आतिशबाजी का ठेका लेने वाली डोंप (इंदौर) कंपनी के संचालक व व्यवस्थापक पंकज जाट व  हर्ष कामदार मुंबई के अलावा लगभग 15 अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर धारा 286 (विस्फोटक पदार्थ से उपेक्षापूर्ण आचरण, 336 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना, 338 (व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा, चोट पहुंचाना), 304 (गैर इरादतन हत्या) आईपीसी व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। कंपनी के छह लोगों को कोतवाली में पूछताछ के लिए बैठाया गया है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल

लोगों का कहना है कि आयोजन के दो दिन पहले जहां अधिकारी वहां व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे थे तो फिर इसके बाद क्या हुआ कि इतनी खतरनाक आतिशबाजी लगाई गई और व्यवस्थाएं चौकसी शून्य रही। मृतक बच्चों के परिजनों ने भी यही गंभीर सवाल उठाए हैं कि अगर वहां आनेजाने से रोकटोक होती तो बच्चे वहां पहुंचते ही क्यों। आसपास के लोग बताते हैं कि सुबह से ही वहां लोगों का बेरोकटोक आना-जाना लगा था और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ सिपाही ही नजर आ रहे थे। 

हादसे के बाद जहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का हुजूम वहां पहुंच गया तो इसके पहले क्या हो रहा था। ऐसे में पुलिस के उन अधिकारियों की जवाबदेही तो बनती है, जिनके कार्यक्षेत्र में यह इलाका था और जिनको यहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि सीएम ने एडीजी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। 

प्रयागराज और आगरा से पहुंचीं विशेषज्ञ टीमें

बुधवार रात में एडीजी प्रयागराज जोन भानु भास्कर ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज फोरेंसिक टीम और आगरा से विस्फोट विशेषज्ञों की टीम आई है। यह जांच की जा रही है कि आखिर विस्फोट क्यों और किन परिस्थितियों में हुआ। एडीजी ने कहा कि कोशिश की जा रही है कि जांच टीमें जल्द से जल्द रिपोर्ट दें, ताकि विवेचना के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि बड़ों को बचाने में छोटी मछलियों पर कार्रवाई की गाज न गिरा दी जाए। 

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