Unnao : पांच साल बाद खुला लेखा लिपिक का कमरा; वीडियोग्राफी के साथ फाइलों की जांच जारी... फर्जीवाड़ा होने की आशंका...
बिना चार्ज दिये लेखा लिपिक उठा रहे पेंशन
उन्नाव, अमृत विचार। नगर पालिका गंगाघाट में करीब पांच साल पहले लेखा लिपिक सेवानिवृत्त हो गये थे। उस दौरान लेखा लिपिक ने अपने कार्यालय में ताला लगा दिया था। पांच साल बीत जाने के बाद भी कार्यालय की चाभी लेखा लिपिक के पास ही मौजूद थी। खास बात यह रही कि बगैर चार्ज दिये उनकी पेंशन भी शुरू हो गयी।
नगर पालिका ईओ के आदेश पर पांच साल बाद लेखा लिपिक के कमरे का ताला वीडियोग्राफी के साथ खोला गया। जिस पर कमरे में मौजूद फाइलों की सूची बनाने का काम पालिका कर्मी कर रहे हैं। पूर्व सभासद की मानें तो पूर्व में तमाम फर्जीवाड़े हुये है जिनकी फाइलें वहां मौजूद हैं, यदि सही से जांच कि जायेगी तो फर्जीवाड़ा प्रकाश में आ सकता है।
बता दें नगर पालिका गंगाघाट में लेखा लिपिक रहे आई सी मिश्रा 21 मई वर्ष 2021 को सेवानिवृत्त हो गये थे। रिटायर होने के बाद उन्होंने अपने कक्ष में ताला लगा दिया और बिना चार्ज दिये कमरे की चाभी लेकर चले गये। जानकारों की माने तो तत्कालीन ईओ सुनील कुमार मिश्रा ने बिना चार्ज और कक्ष की चाभी लिये उनकी पेंशन भी चालू करा दी। वर्षों से कमरा बंद होने पर पालिका के कुछ सभासदों ने इसकी जांच कराने के लिये सीएम से लेकर डीएम को पत्र भेजा।
इसके साथ ही आरटीआई के जरिये जबाव भी मांगा लेकिन कोई सही जानकारी नहीं मिल सकी। नगर पालिका ई ओ मुकेश मिश्रा ने लेखालिपिक के कमरे का ताला वीडियोग्राफी करवाते हुये खुलवा दिया है। वर्तमान लेखा लिपिक लालता प्रसाद सैनी ने बताया कि कमरा खुलने के बाद फाइलों की लिस्ट बनायी जा रही है।
यदि कोई भी फाइल गायब मिलती है और कुछ भी मामला प्रकाश में आता है तो इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी जायेगी। पूर्व सभासद राजेन्द्र गुप्ता और राजू मसवासी ने बताया कि कैशबुक, फर्जी भुगतान से संबंधित फाइलों में फर्जीवाड़ा किया गया है। सही से जांच होगी तो फर्जी भुगतान के अलावा अन्य घोटाले भी प्रकाश में आ सकते हैं।
