बरेली: एप्लाइड की बाध्यता से मुक्त होंगे रुविवि के कोर्स, छात्रों को राहत
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित सात कोर्सों से एप्लाइड शब्द को हटा दिया जाएगा। इससे रुविवि के हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस बाबत रुविवि के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकाय अध्यक्ष की ओर से 3 अक्टूबर को पत्र जारी किया गया था। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित सात कोर्सों से एप्लाइड शब्द को हटा दिया जाएगा। इससे रुविवि के हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस बाबत रुविवि के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकाय अध्यक्ष की ओर से 3 अक्टूबर को पत्र जारी किया गया था।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डा. अमित कुमार सिंह ने बताया कि एमएससी के तीन, एमए के चार एप्लाइड कोर्स रुविवि परिसर में संचालित हो रहे हैं। एप्लाइड शब्द की वजह से विगत कई वर्षों से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर से एक समिति का गठन किया गया। समिति ने समस्त उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया।
इसके बाद कुलाधिपति ने परिनियमावली में संशोधन को अनुमत करते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों से एप्लाइड शब्द को हटाने की स्वीकृति दे दी है। कुलाधिपति की अनुमति मिलने के बाद वर्तमान बैच एवं भविष्य में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की समस्या का समाधान हो गया है। यही नहीं, पूर्व में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं की मार्कशीट एवं डिग्री को वापस करके नई मार्कशीट दी जाएगी, जिसमें से एप्लाइड शब्द को हटा दिया जाएगा।
