Pilibhit News: बिना नोटिस कर दी सेवा समाप्त, 11 आउटसोर्सिंग कर्मचारी परेशान
फोटो- डीएम से शिकायत करने पहुंचे निकले गए आउटसोर्स कर्मचारी।
पीलीभीत, अमृत विचार: नगर पालिका के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन न निकलने का मामला अभी शांत नहीं हो सका था कि पंप चालक के तौर पर काम करने वाले 17 में से 11 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति किए जाने पर गंभीर आरोप लगे हैं।
बिना नोटिस सेवा समाप्ति पर संबंधित 11 कर्मचारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर दुखड़ा सुनाया। जलकल प्रभारी और ठेकेदार की लिखित शिकायत की। जिसमें निर्धारित से कम वेतन दिए जाने का भी आरोप लगाया है। जिसे भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है।
डीएम कार्यालय में की गई शिकायत में बताया कि वह 2009 व 2014 में आउट सोर्सिंग के माध्यम से नगर पालिका परिषद पीलीभीत में पंप चालक के रुप में कार्यरत थे। निरंतर 10-12 घंटे पंप चलाने का कार्य उनसे लिया जाता रहा। 15 फरवरी को दोपहर तीन बजे अचानक कार्यालय बुलाया गया। फिर जलकल प्रभारी और ठेकेदार ने 17 में से पीड़ित 11 कर्मचारियों की सेवा समाप्त होने की बात कह दी।
जबकि किसी को भी कोई सूचना और नोटिस तक नहीं दिया गया। सीधे सेवा समाप्त कर दी गई है। कहा कि सालों से वह काम करते आ रहे हैं, जोकि नगर पालिका के अभिलेखों में देखा भी जा सकता है। आरोप लगाया कि उन्हें काम का पूर्ण मानदेय भी नहीं दिया जाता है। कहा कि एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का मानसिक व शारीरिक शोषण न करने की बात कह रहे हैं।
इसके विपरीत पीलीभीत में बिना नोटिस दिए सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो गया है। भुखमरी के हालात बन गए हैं। शासन की मंशा के अनुसार न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। शिकायत करने वालों में नूर मोहम्मद, रिषव सक्सेना, अबरार, रोहित कुमार, विनोद कुमार, रोहन सक्सेना, सूरज कुमार, विनय , विनोद समेत 11 सेवा समाप्ति वाले कर्मचारी थे।
ईओ बोले- हमें तो जानकारी ही नहीं
एक तरफ 11 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्ति के बाद शिकायत डीएम कार्यालय तक पहुंच गई7 मगर उसके बाद भी जिम्मेदार खुद अनजान दिखाई दिए। नगर पालिका ईओ लालचंद भारती का कहना था कि उन्हें तो इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- Pilibhit News: महापंचायत में किया ऐलान- जलभराव से मुक्ति दिलाए रेलवे वरना मिट्टी से पाट देंगे अंडरपास
