बरेली: निजीकरण के विरोध में कार्य का बहिष्कार करेंगे बिजली कर्मचारी

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बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में जिले के बिजली अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़ किसी भी तरह की सप्लाई बाधित होने पर उसे दुरुस्त नहीं किया जाएगा। हालांकि कर्मचारी अपनी ओर से बिजली आपूर्ति में बाधा नहीं डालेंगे। अगर ऐसे में कोई फाल्ट हो गया …

बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में जिले के बिजली अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़ किसी भी तरह की सप्लाई बाधित होने पर उसे दुरुस्त नहीं किया जाएगा। हालांकि कर्मचारी अपनी ओर से बिजली आपूर्ति में बाधा नहीं डालेंगे। अगर ऐसे में कोई फाल्ट हो गया तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को रद करने की मांग को लेकर 5 अक्टूबर से बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। बिजली कर्मचारियों का हड़ताल का सीधा असर लोगों पर पड़ेगा। कहीं भी बिजली आपूर्ति में कोई गड़बड़ी होने पर वह दूर नहीं हो पाएगी। उपकेंद्रों से भी अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहेंगे। ऐसे में प्रशासन क्या वैकल्पिक इंतजाम करेगा, यह अभी साफ नहीं है।

निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। इसके तहत सोमवार से सभी बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य विद्युत कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बिजली अधिकारी और कर्मचारी पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। निजीकरण का फैसला वापस लेने के लिए कई दौर की वार्ताएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद मामले में अब तक कोई सहमति नहीं बनी है।

शनिवार को हुई वार्ता में ऊर्जा मंत्री ने निजीकरण का फैसला वापस लेने से इंकार कर दिया। रविवार देर रात तक वार्ता चलने के बावजूद कोई समझौता नहीं हो पाया। इसे लेकर सोमवार से बिजलीकर्मियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। आंदोलन के तहत बरेली परिक्षेत्र के एक हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। इस दौरान होने वाले लोकल फाल्ट की मरम्मत भी नहीं की जायेगी। हालांकि अस्पताल समेत अन्य आवश्यक सेवाओं की सप्लाई प्रभावित होने पर उसे ठीक किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक रणजीत चौधरी ने बताया सभी कर्मचारी शांतिपूर्वक विरोध जतायेंगे। इस दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं की जाएगी।

नहीं सौंपेंगे चार्ज
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी रणनीति बनाई है। इसके तहत लेखपाल और अन्य कर्मचारियों को बिजलीघरों की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि विद्युत कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया है। एसडीओ कुतुबखाना गौरव कुमार ने बताया जबरन चार्ज लेने पर कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर हड़ताल के दौरान उनके किसी भी अधिकारी और कर्मचारी पर कार्रवाई की गई तो जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

लगातार निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे बिजलीकर्मी
बिजली कर्मचारी लगातार निजीकरण के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। वे साफ कह रहे हैं कि किसी भी सूरत में यह मंजूर नहीं है। इसके लिए वह जेल भरो आंदोलन तक करेंगे। साथ ही विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति समेत अन्य सभी संगठनों ने किया है। निर्णय लिया है कि आज तक सरकार ने निजीकरण के इस प्रस्ताव को रद नहीं किया तो वह कार्य बहिष्कार करेंगे। यह तब तक चलेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी।

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