Kanpur: नगर निगम ने 122 करोड़ में विकास कार्यों का खींचा खाका; एचबीटीयू को इस्टीमेट की जांच करने के मिले निर्देश...
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम ने शहर में 122 करोड़ रुपये से विकास कार्य करने का खाका खींचा है। 15वें वित्त, अवस्थापना और नगर निगम निधि से यह कार्य होने हैं। कार्यों में अनियमितता को रोकने के लिए अब टेंडर से पहले ही स्वीकृत इस्टीमेट की जांच होगी। नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने इसके लिये हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) से तत्काल जांच (परीक्षण) कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर में 15वें वित्त से सड़कें, इंटरलॉकिंग, ग्रीन बेल्ट आदि का निर्माण होना है तो वहीं, अवस्थापना के बजट से सिद्धनाथ, जागेश्वर मंदिर के कायाकल्प के साथ ही गरीबों के लिए बारातशाला व खेलकूद को बढ़ाया देने को सर्वोदय नगर स्थित नगर निगम स्कूल को विकसित किया जायेगा। इसी तरह नगर निगम निधि से अलग पार्षद कोटे के काम होने हैं।
इससे एयर पॉल्यूशन कंट्रोल, सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम 10 करोड़ रुपये से औद्योगिक क्षेत्रों में भी विकास करने जा रहा है। जिसमें सड़क, नाली समेत अन्य विकास कार्य शामिल हैं। यहां विकास कार्यों की वजह से व्यापारियों और उद्यमियों को राहत होगी।
390 कार्यों के लिये टेंडर नोटिस जारी
नगर निगम ने एफएफसी, नगर निगम व अन्य के तहत 390 विकास कार्यों को कराने के लिये टेंडर नोटिस जारी कर दी है। 21 फरवरी से 6 मार्च तक यह टेंडर मांगे गये हैं। लेकिन, नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने साफ कहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही स्वीकृत एस्टीमेट की जांच एचबीटीयू से कराई जाए, उन्होंने इस कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी भी जाहिर की है, और समय रहते जांच कराने के निर्देश दिये हैं।
यह टेंडर होने हैं
01 कार्य का टेंडर 21.02.2024 को होगा
29 कार्य का नगर निगम निधि का टेंडर 22.02.2024 को होगा
174 कार्य एफएफसी के टेंडर 23.02.2024 को होगा
138 कार्य नगर निगम निधि के 28.02.2024 को टेंडर होंगे
05 कार्य एमफएफसी के 29.02.2024 को टेंडर होंगे
24 कार्य नगर निगम निधि के 1.03.2024 को टेंडर होंगे
07 कार्य एफएफसी के टेंडर 2.03.2024 को होगा
12 कार्य एफएफसी और नगर निगम के टेंडर 6.03.2024 को होगा
15वें वित्त आयोग, अवस्थापना निधि से स्वीकृत आगणन की जांच निविदा प्राप्ति के पूर्व तत्काल कराने के निर्देश मुख्य अभियंता को दिये गये हैं। कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त, कानपुर
