गोंडा: निलंबित बीईओ और शिक्षकों को मिली क्लीन चिट, जानिए क्या है पूरा मामला
तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने डायट प्राचार्य की रिपोर्ट को द्वेषपूर्ण बताया, कटघरे में जांच रिपोर्ट
गोंडा, अमृत विचार। घोटाला उजागर करने पर निलंबन की कार्रवाई झेल रहे बेलसर ब्लाक के बीईओ रहे ध्रुव जायसवाल के मामले में नया मोड़ आ गया है। अवैध वसूली के आरोप में डायट प्राचार्य की जिस रिपोर्ट पर बीईओ को निलंबित किया गया था उस रिपोर्ट को डीएम की तरफ से गठित की गयी तीन सदस्यीय जांच टीम ने द्वेष पूर्ण करार दिया है।
जांच टीम ने शिकायतों को मनगढ़ंत और बलहीन बताते हुए बीईओ व शिक्षकों को क्लीन चिट दी है और जांच रिपोर्ट बीएसए को भेजी है। इस रिपोर्ट के बाद डायट प्राचार्य की जांच कटघरे में आ गयी है। बेलसर ब्लाक में कार्यरत शिक्षक विनय कुमार सिंह सहायक, नरेन्द्र कुमार सिंह, आनन्द कुमार सिंह, रवि प्रकाश सिंह, उमाशंकर सिंह, राजेश शुक्ला, सुनील कुमार कुमार विश्वकर्मा व शिक्षामित्र कृष्ण कुमार पाण्डेय ने डायट प्राचार्य से ब्लाक के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव कुमार जायसवाल पर शिक्षकों से अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। लेकिन डायट प्राचार्य ने जांच करते समय सहायक अध्यापक अनूप कुमार सिंह, राम प्रकाश मिश्र व बीएसए के चालक सचिन दूबे को भी मामले में शामिल करते हुए बीईओ से मिलीभगत का जिम्मेदार ठहरा दिया और इसकी रिपोर्ट महानिदेशक को भेजी थी। इस रिपोर्ट पर बीईओ ध्रुव जायसवाल को निलंबित तो कर दिया गया लेकिन निलंबन आदेश उन्हे नहीं दिया गया।
इसी बीच जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने खण्ड शिक्षा अधिकारी पण्डरीकृपाल अजय कुमार त्रिपाठी, खण्ड शिक्षा अधिकारी हलधरमऊ रियाज अहमद व खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज चन्द्रभूषण पाण्डेय की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर इस मामले में फिर से जांच का आदेश कर दिया। तीन सदस्यीय कमेटी ने मामले की गहरायी से पड़ताल की तो डायट प्राचार्य की रिपोर्ट द्वेषपूर्ण पायी गयी। जिस शिकायत पर शिक्षक अनूप कुमार, राम प्रकाश मिश्र व बीएसए के चालक सचिन दूबे पर कार्रवाई की संस्तुति की थी उस शिकायती पत्र में इन तीनों का नाम ही मिला। शिकायत करने वाले तीन शिक्षकों ने भी मामले की जानकारी से ही इंकार कर दिया। डायट प्राचार्य की तरफ से जांच का आधार बनाया गया एक शिक्षक का शपथ पत्र भी फर्जी पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध शिक्षकों ने मनगढन्त व कूटरचित साक्ष्य प्रस्तुत किया है। इस पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने डायट प्राचार्य की जांच रिपोर्ट को द्वेषपूर्ण बताते हुए बीईओ ध्रुव कुमार जायसवाल, सहायक अध्यापक अनूप कुमार सिंह, राम प्रकाश मिश्रा व बीएसए के चालक सचिन दूबे को क्लीन चिट दे दी है। रिपोर्ट बीएसए को भेजी गयी है। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट महानिदेशक को भेज दी गयी है।
एक महीने तक डायट प्राचार्य दबाए बैठे रहे शिकायती पत्र
अमृत विचार: शिकायत की जांच करने वाले डायट प्राचार्य अतुल तिवारी इस शिकायती पत्र को एक महीने तक दबाए बैठे रहे। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इसका भी उल्लेख किया है। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक डायट प्राचार्य को 6 सितंबर 2023 को शिकायत भेजी गयी, लेकिन इस शिकायत पर एक महीने तक संज्ञान नहीं लिया गया। ठीक एक महीने बाद 6 अक्टूबर को इसे लिपिक अनिल कुमार वर्मा को अग्रसारित किया गया।
बीईओ की रिपोर्ट को डायट प्राचार्य ने किया दरकिनार, कमेटी ने की जांच की संस्तुति
तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक बेलसर के खण्ड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने बड़े स्तर का भ्रष्टाचार पकड़ा था। इस भ्रष्टाचार में कई शिक्षकों की संलिप्तता सामने आई थी। बीईओ ने इसकी रिपोर्ट डायट प्राचार्य को भेजी थी लेकिन डायट प्राचार्य ने बीईओ की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया। अब जांच कमेटी ने बीईओ की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर मामले की जांच कराए जाने की संस्तुति की है।
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